पामगढ़ : मेरा तो अभी 3 लाख ठीक है लेकिन एसडीएम को भी देना पड़ेगा, रेत माफिया का विधायक से लेकर कलेक्टर तक रेट कमिशन फिक्स

जांजगीर जिला के पामगढ़ में रेत के अवैध खनन को रोकने के लिए लगातार कई संगठनों के द्वारा ज्ञापन और चेतावनी दी जाती थी। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही थी। बड़े आराम से रेत माफिया एसडीएम कार्यालय के सामने से अपना काम करते थे और अधिकारी खामोश बैठे रहते थे | अब जाकर इसका भेद खुला है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे ऑडियो से इस राज का भेद रेत माफिया और विधायक परत दर परत खोला है |

 

जारी ऑडियो में रेत घाट के ठेकेदार के बिचौलिए रोशन की बात पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश से हो रही है। जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर के अलावा अपने खास जनप्रतिनिधि का कमीशन तय किया जा रहा है। जिसमें 11  लाख रुपए प्रति माह कमीशन की बात हो रही है। जिसमें सबसे ज्यादा 5 लाख रुपए स्वयं के लिए डिमांड की थी। 3 लाख कलेक्टर, 2 लाख एसडीएम और 1 लाख राघुवेंद्र नाम के अपने निजी व्यक्ति को देने की बात कही जा रही है|  वायरल ऑडियो को नवंबर-दिसंबर 2024 के आसपास की बताई जा रही है। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि हमारा न्यूज नहीं करता है।

See also  क्रेशर की जमीन पर बेजा कब्जा, तहसीलदार से हुई शिकायत

 

लेकिन अब इस बात से स्पष्ट है की पामगढ़ में कोई भी गैरकानूनी कार्य बिना जनप्रतिनिधि और अधिकारी के साठगांठ के संभव नहीं है। भले ही इससे सरकार और क्षेत्र की जनता का कितना नुकसान उठाना पड़े। रेत और मुरूम की धड़ल्ले से ट्रांसपोर्टिग के दौरान कितने लोगों की जान जा चुकी है, किंतु इन लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उल्टे लोगों को ही शांत करने में लगे रहते थे।

 

इधर इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों के द्वारा लगातार एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते थे, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। अब जाकर पता चला की कलेक्टर 3 लाख, एसडीएम 2 लाख रुपए और खुद विधायक 5 लाख रुपए अपना रेट तय किए हैं।

 

वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक शेषराज हरवंश ने इन ऑडियो को फर्जी करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा के कुछ पदाधिकारी मिलकर उन्हें बदनाम करने की साज़िश कर रहे हैं। विधायक शेषराज हरवंश ने कहा कि चुनाव के समय से ही उन्हें हराने की कोशिशें होती रही हैं और अब जब वे जीत गई हैं तो लगातार बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारी राजेश भारद्वाज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पामगढ़ की सरकारी जमीन को फर्जी रजिस्ट्री कर बेचने का मामला है। इस मामले को दबाने के लिए उन्हें पैसा और जमीन का प्रलोभन दिया गया था, जिसे अस्वीकार करने पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। विधायक ने दावा किया कि वायरल आडियो को एआई से एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया है और इस पूरे प्रकरण में उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की है।

See also  2 अगस्त से छत्तीसगढ़ में लगेंगी कक्षाएं, सीएम भूपेश बघेल का फैसला