Johar36garh (Web Desk)|जांजगीर जिला के केएसके पावर प्लांट में नौकरी से निकाले गए भू-विस्थापित ने बैठक के दौरान लेबर ऑफिसर के सामने जहर पी लिया | जिसे देखकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया और वहां से सभी भागते नज़र आए | किसी अधिकारी ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश नहीं की | भारी हंगामे के बाद लेबर ऑफिसर की गाड़ी से उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है|
भू-विस्थापित बलराम गोस्वामी बताया की कुछ दिनों पूर्व नन्द कुमार बघेल नरियरा पहुंचे थे और नौकरी नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी | जिस पर आज लेबर ऑफिस में बैठक आयोजित की गई थी | बैठक में लेबर ऑफिसर केके सिंह, पुलिस अधीक्षक, अति पुलिस अधीक्षक, डिप्टी कलेक्टर, एसडीओपी, एसडीएम और पवार प्लांट के अधिकारी मौजूद थे | बैठक 1 बजे शुरू हुई जो 2 बजे तक चली | बैठक खत्म होने के बाद मजदुर रामनाथ केंवट लेबर आफिसर के पास पहुंचे और अपनी नौकरी के संबंध में पूछा, जिसमें बताया गया की कंपनी के अधिकारियों ने नौकरी देने से मना कर दिया है | इससे हताश होकर मजदुर ने ऑफिस में ही जहर सेवन कर लिया | यह देखकर सभी अधिकारियों के पैर फूल गए, कार्यालय में अफरा-तफरी मच गयी | सभी वहा से भाग खड़े हुए | मजदुर वही बैच में लैट गया | भू-विस्थापितों के हंगामे के बाद लेबर आफिसर ने आपने कार से जिला चिकित्सालय ले जाया गया | जहां उपचार जारी है |