कुख्यात माफिया छोटू सिंह पुलिस मुठभेड़ में ढेर, एके-47 और पिस्टल बरामद

प्रयागराज

प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया।

एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है।

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झारखंड का रहने वाला है बदमाश
शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी।

एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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माफिया छोटे सिंह के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
कुख्यात माफिया आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ कई चर्चित हत्याकांड में केस दर्ज हैं। छोटू सिंह मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है और धनबाद जेल में बंद होने के बाद भी वह अपना बाहुबल बरकरार रखने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक आशीष यूपी और बिहार में सक्रिय था।

अमन सिंह की हत्या की भी ली थी जिम्मेदारी
12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आशीष रंजन आरोपी है और फरार था। आशीष रंजन पर झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोप है. उस पर रंगदारी मांगने और अमन सिंह की हत्या का आरोप है। अमन सिंह की हत्या के बाद उसने एक ऑडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। जेल में बंद अमन हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि आशीष रंजन के कहने पर उन्होंने हत्या की थी।

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यूपी और बिहार में था सक्रिय
आशीष रंजन के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रंगदारी, बमबाजी, हत्या समेत जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर अमन सिंह की तीन दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह ने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने तीन दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन था। आशीष रंजन के इशारे पर ही अमन सिंह की हत्या की गई थी। वहीं सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या हुई थी। जिसमें आशीष पहली बार जेल गया था। 12 मई 2021 को सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या में भी उसका नाम आया था।