विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, भाजपा की उम्मीदों को तगड़ा झटका, ओपिनियन पोल में पश्चिम बंगाल में टीएमसी की वापसी

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बंगाल में दो फेज में मतदान होंगे, जबकि चार मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। राज्य में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर है। भाजपा किसी भी हाल में ममता बनर्जी को हराने की पुरजोर कोशिश कर रही है, जबकि ममता एक बार फिर से जीत मिलने के लिए पूरी आश्वास्त हैं। चुनाव तारीखों का ऐलान होते ही पश्चिम बंगाल का पहला ओपिनियन पोल भी सामने आ गया है। इस सर्वे में जीत की उम्मीद लगाए बैठी भाजपा को तगड़ा झटका लग रहा है। ममता बनर्जी की एक बार फिर से वापसी की संभावना जताई गई है। वहीं, इस बार सबसे ज्यादा ओवैसी वाला एआईएमआईएम का गठबंधन चौंका सकता है और पांच से छह सीटें जीत सकता है।

 

मैटराइज-IANS के ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार पर जनता का भरोसा कायम है। पिछली बार से सीटों की संख्या जरूर कम हो रही है, लेकिन सरकार टीएमसी की ही बनती दिख रही। तृणमूल कांग्रेस को 155-170 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा को 100-115 सीटें मिलने के आसार हैं। इस ओपिनियन पोल में ओवैसी का एआईएमआईएम गठबंधन कांग्रेस की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता दिख रहा है। एआईएमआईएम गठबंधन को बंगाल में पांच से छह सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में शून्य से एक, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलने की उम्मीद है।

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हालांकि, इस बार टीएमसी और भाजपा के बीच वोट फीसदी का ज्यादा अंतर नहीं है। तृणमूल कांग्रेस को 43-45 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि भाजपा को 41-43 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं। अन्य के खाते में 13-15 फीसदी वोट जा सकते हैं। बंगाल में पिछली बार टीएमसी को 48.5 फीसदी वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 38.5 फीसदी। सीटों की बात करें तो टीएमसी को बड़ी जीत मिली थी और उसने 213, जबकि भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं।

हुमायूं कबीर पर सबकी नजरें

पश्चिम बंगाल में इस बार मुस्लिम वोटों के बंटने की भी संभावना है। दरअसल, टीएमसी से सस्पेंडेड विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शीदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनवाने का ऐलान किया है। उनकी निगाहें राज्य के मुस्लिम वोटों पर है। इसके लिए उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी नाम से एक राजनैतिक दल भी बनाया है। पिछले दिनों चुनाव आयोग ने पार्टी का रजिस्ट्रेशन भी मंजूर कर दिया। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने इससे पहले कबीर की पार्टी के पंजीकरण की सिफारिश निर्वाचन आयोग से की थी। कबीर ने पिछले साल 22 दिसंबर को अपनी नई राजनीतिक पार्टी के नाम की घोषणा की थी और साथ ही उसका घोषणापत्र भी जारी किया था। इस बार सबकी नजरें हुमायूं कबीर के प्रदर्शन पर भी टिकी हुई हैं।

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बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा मतदान

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा जबकि मतों की गिनती चार मई को की जायेगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जायेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। दोनों चरणों की मतगणना अन्य तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के साथ चार मई को होगी। पिछली बार राज्य में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराए गये थे।