पामगढ़ में एक ऐसा बुजुर्ग, जो मिला था महात्मा गाँधी से, उम्र 115 की मगर चलता है अपने दम पर

JJohar36garh News|(Basant Khare)जांजगीर जिला के पामगढ़ में एक ऐसा बुजुर्ग है जिसकी उम्र 115 साल हो चुकी है मगर वह आज भी अपने दम पर चलता है वह किसी का सहारा नहीं लेता| आज वह जनपद पंचायत कार्यालय के सभा कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचा था| जिसका जनपद पंचायत के अध्यक्ष राजकुमार पटेल, सरपंच तेरस राम यादव सहित सभी लोगों ने सम्मान किया|

पामगढ़ का बुजुर्ग दया राम कोसले ने बताया कि वह महात्मा गांधी को देखा था उससे मिला था आजादी के दौरान महात्मा गांधी का दौरा चला था उस दौरान वह बिलासपुर के मार्ग से पामगढ़ पहुंचे थे | यहां की स्कूल में उसका अभिवादन हुआ था आज वह स्कूल चंडीपारा में है जहां यह बुजुर्ग गया था पहुंचा था और महात्मा गांधी का अभिवादन भी किया था|

दया राम कोसले बताते है कि पहले क्षेत्र में अक्क्सर दुकाल पड़ता था, लोग दाने-दाने को मोहताज हो जाते थे|  वह खुद दो पैसे की हाजिरी किया है पामगढ़ से बड़ी संख्या में लोग पलायन के लिए जाते हैं थे वह खुद टाटा नगर, नागपुर व जबलपुर जैसे जगहों पर जाकर काम किया है| उस दौरान पामगढ़ में बहुत कम खेत हुआ करते थे | नहर भी नहीं निकला था सब बारिश के भरोसे था|

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पामगढ़ की पहचान गढ़ के बारे में भी उन्होंने बताया कि यह जंगलों से घिरा हुआ था चारों तरफ बड़े-बड़े पेड़ हो गए थे जहां खूंखार जंगली जानवर रहते थे अगर भूल बस लोगों के जानवर गाय, भैंस, बैल व बकरी आदि इस गढ़ में चला जाता तो वह वापस नहीं लौट पाते। वह किसी ना किसी जानवर का शिकार हो जाता|

पामगढ़ का मुख्य मार्ग भी पगडंडी जैसा था दोनों किनारे बड़े-बड़े पेड़ होते थे, सड़क पर बस नहीं चलते थे, वे पैदल ही बिलासपुर गए है| पामगढ़ में शायद ही इनसे अधिक उम्र का जवान ब्यक्ति आपको देखने को मिलेगा| अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर johar36garh News परिवार इन्हें सलाम करता है |