Johar36garh (Web Desk)|जांजगीर जिला पामगढ़ के लोहर्सी ग्राम पंचायत में पिछले कुछ महीनों से दो समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसे लेकर सोमवार को सतनामी समाज आक्रोशित होकर घटना स्थल पहुँच गए | जानकारी मिलने पर सरपंच प्रतिनिधि, सरपंच संघ अध्यक्ष और पंच भी मौके पर पहुंचे| सभी जनप्रतिनिधियों ने सभी पक्षों की बात सूनी और उनकी सहमति के बाद हनुमान मंदिर को अन्य जगह विधि विधान से स्थापित करने का निर्णय लिया गया|
दरअसल क्षेत्र में कुछ तथाकथित लोग राजनीतिक द्वेष की वजह से क्षेत्र में अशांति फ़ैलाने की नियत से यह कार्य किया गया था| जिसके कारण क्षेत्र में अशंती फैली हुई थी | आस-पास रहने वाले और सभी समाज इसका विरोध कर रहे थे | क्योंकि आस-पास बहुत सारी जमीन है, और उससे अधिक मात्रा में जमीन हैं, इसके बाद भी जोड़ा जैतखाम के बीच में मूर्ति स्थापित करना किसी के समझ में नहीं आ रहा था | गांववालों ने बताया की यहां की सभी जमीने सरकारी है और लोग धडल्ले से बेजा कब्ज़ा कर रहे हैं | जिस जगह पर जैतखाम का निर्माण किया गया, उसके पीछे सतनामी समाज के संजय रात्रे की लगभग 3 एकड़ नंबरी जमीन है | जिसमें वह बरसों से खेती कर रहा है | उसी के सामने कुछ सरकारी जमीन है जिसके बाद सड़क है | उसी खाली जमीन पर समाज के लोगों ने 2017 में जैतखाम का निर्माण किया गया था| तब से वहां पर समाज के लोगों द्वारा पूजा-अर्चना किया जा रहा है |
सोमवार को यह मामला गरमा गया जिसके बाद मौके पर पहुंचे| जिसमें ग्राम पंचायत के सरपंच पति नरेंद्र तिवारी, पामगढ़ सरपंच संघ के अध्यक्ष नीरज खूँटे, उपसरपंच प्रतिनिधि लोमश पटेल, पंच प्रतिनिधि रामप्रकाश जटाशंकर, पंच मोहन दिवाकर, पंच कमल साहू, पंच सुखीराम कश्यप, राजू कश्यप पंच प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित थे| उस ज़मीन पर दावा करने वाले केवल एक पक्ष के लोग ही मौके पर पहुंचे दूसरे पक्ष के लोग नहीं आए, उन लोगो को बार-बार सरपंच पति द्वारा बुलाया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे, जिसके बाद वार्ड के पंच को उन लोगों के पास भेजा गया| पंच ने वापस आकर पंचायत को बताया की जो पंचायत का जो निर्णय होगा वह मंजूर होगा | जिसके बाद पंचायत ने देखा की जैतखाम 4 साल पुराना है और हनुमान मूर्ति की स्थापना 4 माह पूर्व अशांति फ़ैलाने की नियत से की गई है, लेकिन दोनों आस्था का प्रतिक है| इसलिए पंचायत ने हनुमान मूर्ति को अन्य जगह विधिविधान से करने का निर्णय लिया गया | जिस पर सभी समाज के लोगों ने सहमति दी |