प्रदोष काल में करें यह खास उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से मिलेगा पैसों का अंबार

 हिंदू धर्म में प्रदोष काल को बहुत ही शुभ और पवित्र समय माना जाता है. यह वह विशेष समय है जब दिन और रात आपस में मिलते हैं. मान्यता है कि इस समय ब्रह्मांड में दिव्य ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है, और जो भी पूजा या साधना की जाए, उसका फल कई गुना अधिक मिलता है. प्रदोष काल की अवधि सूर्यास्त से शुरू होती है और लगभग 2 घड़ी 48 मिनट तक रहती है. कुछ विद्वान इसे सूर्यास्त के दो घड़ी बाद तक भी मानते हैं. यह पूरा समय भगवान शिव को समर्पित माना गया है. कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं. इसी कारण, इस समय की गई पूजा विशेष फल देने वाली होती है. 

प्रदोष काल में क्या करें?

प्रदोष काल को शिव आराधना के लिए सबसे उत्तम माना गया है. इस दौरान कुछ सरल उपाय करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मन को शांति मिलती है.  

See also  अगर हर वक़्त मन रहता है परेशान, आजमाएं ये वास्तु उपाय

शिवलिंग की पूजा करें

प्रदोष काल शुरू होते ही स्नान करके शिव मंदिर जाएं. अगर मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर ही शिवलिंग की पूजा करें. मान्यता है कि इस पूजा से विवाह में आ रही रुकावटें, व्यापार संबंधी समस्याएं और स्वास्थ्य से जुड़े कष्ट दूर होते हैं. बेलपत्र पर सफेद चंदन से "ॐ" लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें. इसके बाद एक लोटा स्वच्छ जल या कच्चा दूध शिवलिंग पर चढ़ाएं. भगवान शिव को खीर, गुड़ या अपनी सामर्थ्य अनुसार कोई भी भोग लगाएं. 

महामृत्युंजय मंत्र का जाप

प्रदोष काल में किसी शांत जगह पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह मंत्र मानसिक शांति देता है, भय दूर करता है और स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है. 

घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

जैसे ही प्रदोष काल शुरू हो, अपने घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर शुद्ध घी के दीपक जलाएं. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और लक्ष्मी कृपा भी बनी रहती है. 

See also  इन 5 बॉडी पार्ट्स पर लगाएं परफ्यूम, पूरे दिन महकती रहेंगी आप