छत्तीसगढ़ में 2027 जनगणना की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल पैटर्न पर होगी गणना

रायपुर 

राज्य में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। यह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने गृह विभाग को बनाया नोडल

राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में 6 जनवरी आयोजित की गई, जिसमें जनगणना की रूपरेखा, कार्ययोजना और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में जनगणना के लिए गृह विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। गृह विभाग भारत सरकार, जनगणना निदेशालय और राज्य के सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा। निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 के डिजिटल रोडमैप, संगठनात्मक ढांचे और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

डिजिटल गणना, मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह

निदेशक ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी। आंकड़ों का संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जबकि इसकी निगरानी और प्रबंधन के लिए वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इस बार नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस बड़े कार्य के लिए राज्य में लगभग 63 हजार प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जनगणना से पहले पूर्व-परीक्षण (प्री-टेस्टिंग) का कार्य नवंबर 2025 में कबीरधाम जिले के कुकदूर, महासमुंद जिले की महासमुंद तहसील के चयनित गांवों और रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इन अनुभवों को मुख्य जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

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जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी

मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की अवधि में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। इस अवधि का निर्धारण मानसून और स्कूल शिक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में देशभर में एक साथ जनसंख्या गणना की जाएगी। इसे देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग को शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि जनगणना 2027 राज्य की भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला होगी। उन्होंने सभी विभागों से मिशन मोड में समन्वय के साथ कार्य करने और आम जनता से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, एनआईसी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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