रायपुर का नामकरण हो शहीद वीर नारायण के नाम पर, यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि : सामाजिक कार्यकर्ता संजीत बर्मन : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिला का नामकरण गुरु घासीदास जी के नाम पर रखे जाने की शुरुआत शासन द्वारा हुई है। इसके साथ ही सर्व समाज ने राजनीति शुरू करते हुए इस जिला को सहित वीर नारायण सिंह के नाम पर करने की मांग शुरू कर दी है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता संजीत बर्मन ने राजधानी रायपुर को शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने की मांग की है।
संजीत बर्मन ने तर्क दिया है कि शहीद वीर नारायण सिंह एक महान योद्धा थे | जिन्होंने अंग्रेजों के नाक पर दम कर रखा था। वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों द्वारा रायपुर के जय स्तंभ चौक पर फांसी पर लटका कर तोप से उड़ाया गया था। इसलिए राजधानी रायपुर का नाम परिवर्तित करते हुए शहीद वीर नारायण सिंह रखना चाहिए यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आपको बता दें की सत्रहवीं सदी में सोनाखान राज्य की स्थापना की गई थी। इनके पूर्वज सारंगढ़ के जमींदार के वशंज थे। सोनाखान का प्राचीन नाम सिंघगढ़ था।वर्तमान में यह इलाका बलौदा बजार इलाके में आता है। यही के युवराज थे शहीद नारायण सिंह। उनके पास एक घोड़ा था जो कि स्वामीभक्त था। वे घोड़े पर सवार होकर अपने रियासत का भ्रमण किया करत थे।
एक बार युवराज को किसी व्यक्ति ने जानकारी दी कि सोनाखान क्षेत्र में एक नरभक्षी शेर कुछ दिनों से आतंक मचा रहा है जिसके चलते प्रजा भयभीत है। प्रजा की सेवा करने में तत्पर नारायण सिंह ने तत्काल तलवार हाथ में लिए नरभक्षी शेर की ओर दौड़ पड़े और कुछ ही पल में शेर को ढेर कर दिए। इस प्रकार से वीर नारायण सिंह ने शेर का काम तमाम कर भयभीत प्रजा को नि:शंक बनाया। उनकी इस बहादुरी से प्रभावित होकर ब्रिटिश सरकार ने उन्हें वीर की पदवी से सम्मानित किया। इस सम्मान के बाद से युवराज वीरनारायण सिंह बिंझवार के नाम से प्रसिध्द हुए।
सन् 1856 में अकाल के कारण जनता त्राहि-त्राहि कर रही थी है जिसमें नारायण सिंह ने हजारों किसानों को साथ लेकर कसडोल के जमाखोरों के गोदामों पर धावा बोलकर सारे अनाज लूट लिए व दाने-दाने को तरस रहे अपने प्रजा में बांट दिए। इस घटना की शिकायत उस समय डिप्टी कमिश्नर इलियट से की गई। वीरनारायण सिंह ने शिकायत की भनक लगते हुए कुर्रूपाट डोंगरी को अपना आश्रय बना लिया। ज्ञातव्य है कि कुर्रूपाट गोड़, बिंझवार राजाओं के देवता हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता संजीत बर्मन ने अपने फेसबुक में लिखा है की बलौदाबाजार-भाटापारा जिला को गुरू घासीदास जी के नाम पर नामकरण किए जाने के पूर्व अभिमत मांगी गई है। मात्र अभिमत मांगे जाने से जातिवादी मानसिकता के कुंठाग्रस्त लोग तिलमिला गए हैं जो सर्व समाज के नाम पर बलौदाबाजार-भाटापारा को शहीद वीर नारायण सिंह जी के नाम पर नामकरण किए जाने की मांग कर सतनामी और आदिवासी के बीच वैचारिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञात हो कि भारत देश पर शासन करने वाले विदेशी शासक द्वारा वीर नारायण सिंह जी को रायपुर के जय स्तंभ चौक पर फांसी पर लटका कर तोप से उड़ा दिया गया था।
इसलिए हम सब की मांग है कि शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत स्थल जिला रायपुर का नाम परिवर्तित कर शहीद वीर नारायण सिंह जी के नाम पर करना चाहिए।