राजतन्त्र की ब्यवस्था सतनामी समाज की देन : दीपक मिरी

Johar36garh(Web Desk)| सत्य अहिंसा के प्रेणता गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर 27 दिसम्बर को  ग्राम मुरा विकास खंड तिल्दा में मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धरसींवा विधायक श्रीमती अनीता शर्मा ,कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक मिरी , प्रदेश अध्यक्ष ,प्रदेश सतनामी समाज छत्तीसगढ़ ने की।  युवा प्रकोष्ठ ने अपने उद्बोधन में गुरु घासीदास जी के बताये मार्ग में चलने का आव्हान किया साथ सुरवीर  राजा गुरु बालकदास जी के सतनाम आंदोलन के बारे में बताया की गुरु बालकदास जी ने भारतीय राजतन्त्र में राज चलाने की व्यवस्था दिया आजादी के पूर्व ही गुरु बालकदास जी ने हर गांव ब्लॉक में जिला में समाज के सन्देश वाहक ,छड़ीदार,भंडारी ,अठगवा महंत ,ब्लॉक महंत ,जिला महंत ,राज महंत ,गुरु गोसाई ,सर्वोच्च गुरु गोसाई की व्यवस्था बनाये थे भारत के आजादी के बाद इन्ही व्यवस्था को संविधान में लागु किया गया|
सतनामी व्यवस्था –  राजतन्त्र 
1 छड़ी दार -कोटवार 
2 भंडारी –  सरपंच 
3 अठगवा महंत –  पटवारी
4 ब्लॉक महंत –  तहसीलदार 
5 जिला महंत –  कलेक्टर 
6 राजमहंत –  मुख्यमंत्री 
7 गुरु गोसाई –  प्रधानमंत्री 
8 सर्वोच्च  गुरु गोसाई –  राष्ट्रपति 

See also  पलटा टैंकर, डीजल चुराने की लगी होड़, ड्राइवर, परिचालक शराब के नशे में

इसी व्यवस्था को भारत सरकार ने लागु किया आज बड़ा गर्व हो रहा है स्वतंत्र भारत में राज चलाने की व्यवस्था सतनामी समाज ने दिया है और इस समाज का मैं हिस्सा हु ! साथियो आज हमको गुरु बालकदास जी के सतनाम आंदोलन को फिर से गांव गांव तक पहुंचाने की जरूरत है आइये इस पावन बेला में संकल्प लेवे हर गांव में सतनामी समाज के युवाओ की टीम बनाएंगे समाज के हर दुःख सुख में सहभागी बनेंगे समाज संगठित होगा तो निश्चित रूप से समाज का वर्चस्व  बढ़ेगा और मानव समाज में सतनामी समाज के अलग छवि दिखेगी|