भोपाल में मछली गैंग के गुर्गे का आतंक: शारिक के समर्थन में रील नहीं बनाई तो MBA छात्र को पीटा

भोपाल
 कुख्यात मछली परिवार गैंग के बदमाशों का आतंक अब भी बरकरार है। ड्रग-तस्करी से लेकर यौन शोषण के गंभीर प्रकरणों से परिवार की छवि को बट्टा लगने के बाद अब उसकी गैंग के सदस्य शारिक मछली को बेकसूर साबित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। मछली गैंग के गुर्गे अब शारिक मछली के समर्थन में रीलें और पोस्ट बनाकर लोगों को भेज रहे हैं और उनके सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर साझा करने का दबाव बना रहे हैं।

ऐसा एक मामला पिपलानी के इंद्रपुरी में सामने आया है। जहां मछली गैंग का गुर्गे महेंद्र चौहान ने एमबीए छात्र को शारिक के समर्थन में रील पोस्ट करने का दबाव बनाया। वहीं जब महीने भर में उसने रीलें शेयर नहीं की तो एक कैफे में उससे मारपीट की। पीड़ित की शिकायत पर एक बार फिर मछली गैंग पर पुलिस कार्रवाई करने से बची और एनसीआर काट कर किनारा कर लिया था, बाद में अगले दिन हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव किया तब जाकर एफआइआर दर्ज की गई।

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कॉलेज में महेंद्र से हुई थी पहचान

महेंद्र ठाकुर के साथ पुलिस ने गैंग के गौरव ठाकुर नामक युवक को भी आरोपित बनाया है। पिपलानी टीआई चंद्रिका यादव के मुताबिक शिवम पांडे ने बताया कि वह वर्तमान में निजी कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले उसने टीआईटी कॉलेज से बीफार्मा किया और वर्तमान में एक अस्पताल में नौकरी कर रहा है। तब उसकी पहचान कॉलेज में सीनियर पिपलानी निवासी महेंद्र चौहान से हुई थी।

रील को सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा

मछली कांड के बाद महेंद्र चौहान ने शारिक मछली के समर्थन में कई रीलें बनाईं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा। पीड़ित ने बताया कि रात 8:45 बजे वह असपताल से नौकरी करने के बाद इंद्रपुरी स्थित चिलपिल कैफे दोस्तों के साथ पहुंचा। वहां महेंद्र ठाकुर अपने दोस्तों के साथ पहले से मौजूद था। उसने शारिक की रील शेयर न करने को लेकर विवाद शुरू कर दिया।

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कैफे में पीटना शुरू कर दिया

वहीं जब शिवम ने उसे रील शेयर करने से मना किया तो वह पार्टी के लिए दो हजार रुपये देने को कहने लगा। इस पर भी पीड़ित ने इनकार किया। इससे गुस्साए महेंद्र चौहान ने उसे कैफे में पीटना शुरू कर दिया। शिवम के दोस्तों ने बीच-बचाव किया तब महेंद्र जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग निकला। शिवम ने बताया कि महेंद्र की बात न मानने को लेकर कुछ देर बाद गौरव ठाकुर ने उसे फोन किया और अभद्रता शुरू कर दी। साथ ही बात न मानने पर भोपाल छोड़ने की धमकी तक दे डाली। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपितों पर केस दर्ज कर लिया है।