सकुशल मिले तीनों लापता बच्चे, जोहार36गढ़ न्यूज़ ने निभाई अहम भूमिका

JJohar36garh News|जांजगीर जिला के पामगढ़ चण्डीपारा के लापता तीनों बच्चों को पुलिस ने सोमवार की रात सकुशल बरामद कर लिया है| इस मुहिम में जोहर36गढ़ न्यूज़ की टीम ने अहम भूमिका निभाई, जोहर36गढ़ न्यूज़ में खबर प्रकाशित कर अपने सहयोगियों को सचेत किया, जिसके बाद अकलतरा किरारी से लोकेशन मिला, न्यूज़ टीम ने तत्काल बच्चों की पुष्टि की, फिर तत्काल न्यूज़ टीम ने मुलमुला पुलिस को बच्चों के लोकेशन तक पहुंचाया| जहां से पुलिस ने बच्चों को सकुशल बरामद किया| 

दरअसल बच्चे अपने पिता के साथ चण्डीपारा में रहते हैं, और माँ रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्य गई हुई है| 12 मार्च को किसी बात को लेकर पिता संतोष गोड़ अपने 2 बच्चे और साथ में रह रहे एक अन्य बच्चे को डाट-फटकार लगाई थी, जिससे तीनों बच्चे पूरी तरह से भयभीत हो गए थे| पिता की मार से बचने के लिए बच्चे ग्राम सिल्ली अपने बुआ के घर पहुंच गए, 13 मार्च की सुबह 8 बजे तीनों घर के लिए रवाना हुए लेकिन पिता की मार का डर उन्हें सता रही थी, वे सिल्ली से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर अकलतरा के ग्राम किरारी अपने मौसी नानी के घर पैदल ही चले गए और वही रहने लगे, रिश्तेदारों ने बच्चों के होने की जानकारी उनके माँ को दे दी थी| इधर बच्चों के घर नहीं पहुंचने से परेशान पिता ने रिश्तेदारों से सम्पर्क किया, लेकिन सिल्ली तक ही उनका लोकेशन मिला| पिता ने इसकी सूचना मुलमुला पुलिस को दी| मुलमुला पुलिस जाँच में जुटी हुई थी| इसी दौरान जोहर36गढ़ न्यूज़ ने खबर प्रकाशित करते हुए सभी सहयोगियों को बच्चों की जानकारी देने के लिए सचेत किया | इसी दौरान किरारी से बच्चों का लोकेशन मिला, न्यूज़ टीम ने तत्काल मुलमुला पुलिस से सम्पर्क किया और बच्चों के लोकेशन तक लेकर पहुंचे| बच्चों को मुलमुला थाना प्रभारी उमेश साहू उनके परिजनों के साथ जिला मुख्यालय लेकर रवाना हुई | जहां बच्चों को चाइल्ड लाइन के सदस्यों के माध्यम से उनकी काउंसिलिंग कराई गई जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौप दिया गया है।

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डरे हुए थे बच्चे 
छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता से पूरी तरह से डरे हुए थे, जब बच्चों तक पुलिस पहुंची तो बच्चे अपने पिता को देखकर भयभीत नजर आए और रोने लगे, उनके आँख से आशु थम नहीं रहे थे | किसी तरह पुलिस व अन्य रिश्तेदारों ने बच्चों को समझाया और विश्वास दिलाया की उनके पिता उन्हें नहीं मारेंगे तब जाकर वे शांत हुए| 


भूखे प्यासे 15-20 किलो मीटर का सफर 
पिता की मार के डर से बच्चे भूखे प्यासे 15-20 किलो मीटर का सफर पैदल ही पार दिए| पुलिस के पूछने पर बच्चों ने बताया की वे सुबह सिल्ली से निकले थे और किरारी पहुंचते-पहुंचते शाम हो गई थी, तब तक बच्चे भूखे-प्यासे थे | तेज़ धुप में वे पैदल मुख्य मार्ग से चलकर किरारी पहुंचे थे| उन्होंने बताया की सिल्ली से पकरिया, बनाहील, तरौद होते हुए किरारी पहुंचे थे| 

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