पेट्रोल व डीजल टैंकर ट्रक के भीतर तेल की जगह गोवंशीय पशुओं को भरकर तस्करी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फिल्म पुष्पा की तर्ज पर सारा खेल हो रहा था। फर्क सिर्फ इतना है कि पुष्पा में चंदन लकड़ी की तस्करी हो रही थी। बहरागोड़ा पुलिस की तत्परता से मंगलवार तड़के इसका खुलासा हुआ।
गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी संतन तिवारी के नेतृत्व में बहरागोड़ा थाना पुलिस ने ओडिशा से पश्चिम बंगाल की ओर जा रहे टैंकर ट्रक कालियाडिंगा चौक के समीप पकड़ लिया। मंगलवार की अहले सुबह 3 बजे पकड़े गए इस टैंकर को जब खोल कर देखा गया तो पुलिस वालों के भी होश फाख्ता हो गए। टैंकर को पीछे से काटकर एक गुप्त दरवाजा बनाया गया था जिससे होकर 23 गोवंश को टैंकर के भीतर भरा गया था। बुरी तरह ठूंसकर भरे होने के कारण 2 गायों की घुटन से मौत हो चुकी थी। जप्त किए गए गोवंश को पुलिस ने मंगलवार सुबह 7:00 बजे चाकुलिया एरोड्रम परिसर स्थित ध्यान फाउंडेशन गौशाला पहुंचाया।
बहरागोड़ा थाना के एएसआई अब्दुल रहीम खान ने गौशाला की संचालिका डॉ शालिनी मिश्रा को जिम्मानामा पर 21 जीवित एवं दो मृत गोवंश सौंप दिया। इनमें 8 गाय, 8 बैल, 3 बछड़ा एवं दो बछड़ी शामिल थी। पुलिस ने तेल टैंकर संख्या ओआर11डी 6838 के चालक को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इस मामले में बहरागोड़ा थाने में तीन नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें टैंकर चालक ओडिशा के भद्रक निवासी शेख मिराज के अलावा बाम्बे चौकी के दो पशु तस्कर सुजीत महंती उर्फ बड़ा बाबू तथा अक्षय पायकरा का नाम शामिल है।
बहरागोड़ा के थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बताया कि तेल टैंकर के भीतर मवेशियों के परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। पिछली तीन रात से हम लोग रात भर जाग कर पकड़ने के प्रयास में थे। दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार में टैंकर पकड़ा गया। गोवंश की तस्करी पर रोक लगाने के लिए उड़ीसा से बंगाल की तरफ जाने वाली वाहनों की जांच अभी चलती रहेगी। यह गंभीर मामला है।(Agency)
