वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए नवरात्र की करें शुरुआत

इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 22 सितंबर से होने जा रही है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को होगा। आज हम आपको कुछ ऐसे वास्तु नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका आपको नवरात्र में ध्यान रखना चाहिए।

इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही आपको शनि देव की कृपा भी मिलती है, जिससे कई तरह के कष्टों का निवारण हो जाता है।

घर के इस कोने में रखें सफाई
माता रानी के आगमन से पहले आपको घर और अपने मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके साथ ही घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र में इस दिशा को शनि का क्षेत्र माना गया है।

ऐसे में अगर आप इस दिशा से संबंधित वास्तु नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में टूटा हुआ या भारी सामान रखने से बचना चाहिए। आप इस स्थान पर गहने व जरूरी कागजात भी रख सकते हैं।

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मुख्य द्वार के वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को विशेष महत्व दिया गया है, क्योंकि इससे ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। ऐसे में आपको मेन गेट पर साफ-सफाई का जरूरी रूप से ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर कूड़ेदान या झाड़ू आदि न रखें।

साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका गेट बिना किसी आवाज के खुलता हो। इसके साथ ही आप नवरात्र में शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक भी जला सकते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और नकारात्मकता दूर रहती है।

जरूर करें ये काम
अगर आप अखंड ज्योत जला रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार, इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए। इसके साथ ही नवरात्र की पावन अवधि में आप शाम के समय घर के चारों कोनों में दीपक जला सकते हैं, जिससे हर प्रकार की नकारात्मकता दूर बनी रहती है।

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इसके साथ ही घर में बेकार पड़ी चीजों को भी नवरात्र से पहले बाहर कर देना चाहिए, वरना ये चीजें नेगेटिव एनर्जी को बढ़ाने का काम करती है। इसके साथ ही आप नवरात्र में जरूरतमंद लोगों को काले तिल, भोजन व उड़द दाल दान करें, जिससे आपको ऊपर शनि देव की भी कृपा बनी रहेगी।