सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की इमारत खड़ी, जगदलपुर में इलाज अब भी अधूरा

जगदलपुर.

जगदलपुर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बस्तरवासियों के लिए राहत का केंद्र बनना था, लेकिन अब सवालों में है. दिल, किडनी और न्यूरो इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी खत्म करने का दावा अब खोखला दिख रहा है. 240 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू तो हो गया, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है. कई विभागों में आधुनिक मशीनें मौजूद हैं, पर उन्हें संचालित करने वाले विशेषज्ञ नहीं.

ओपीडी को आनन-फानन में शुरू कर दिया गया, लेकिन परामर्श की व्यवस्था कमजोर बनी हुई है. आईसीयू और आपात सेवाओं के 24 घंटे संचालन के दावे जमीन पर पूरे नहीं उतर रहे. गंभीर मरीजों को आज भी बड़े शहरों में रेफर किया जा रहा है. सरकारी दरों पर इलाज का वादा, निजी मॉडल की कार्यप्रणाली में उलझता दिख रहा है. मरीजों से शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं अधूरी हैं. अब सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बनी यह व्यवस्था आम जनता को कब राहत देगी. स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासनिक निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है.

See also  छत्तीसगढ़-जशपुर में भाइयों और पडोसी ने की युवक की हत्या, जंगल में मिली सिर कटी लाश का खुलासा