सरपंच हत्या मामला : तहसीलदार और आरक्षक पर कार्यवाही के बाद छोड़ा रास्ता

JJohar36garh News|जांजगीर में सरपंच की हत्या को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर मालखरौदा क्षेत्र के वीर भाठा चौक पर शव को रखकर चक्काजाम कर दिया था | जिससे सक्ती-छपोरा मार्ग में आवाजाही बंद हो गई | अधिकारियों के समझाइस के बाद भी ग्रामीण रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं थे |  शाम को जब ADM के आश्वासन के बाद अब मालखरौदा तहसीलदार और डायल 112 का कांस्टेबल को हटाया गया| तब जाकर ग्रामीण माने और 25 घंटे बाद रास्ता छोड़ने को तैयार हुए|

रविवार को सरपंच द्वारिका प्रसाद चंद्रा (50) की हत्या के बाद गांव का माहौल बिगड़ गया | सरपंच संघ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मालखरौदा क्षेत्र के वीर भाठा चौक पर ट्रैक्टर खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया था। इसके साथ ही बीच चौक पर त्रिपाल लगाकर सड़क पर शव रखकर बैठ गए। रविवार दोपहर करीब 2 बजे से ग्रामीण वहीं प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते सरपंच की जान गई है। घटना के दौरान पुलिस आई थी, लेकिन कार्रवाई किए बिना लौट गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देख पुलिस मौजूद तो थी, लेकिन उन्हें हटाने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी।

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इसके बाद शाम करीब 5.30 बजे ADM लीना कोसम मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया, जिसके बाद वे हटने को तैयार हुए। सरपंच के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर सरपंच संघ और ग्रामीणों ने अपनी मांग भी रखी हैं। जिस पर SDM ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

मिली जानकारी के अनुसार गांव की सरकारी जमीन पर कब्जा करने का विरोध करने पर चार अतिक्रमणकारियों ने पिछले साल सरपंच द्वारिका चंद्रा पर जानलेवा हमला किया था। पिछली बार तो उसकी जान बच गई। तब आरोपियों के खिलाफ सरपंच की हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। अभी आरोपी जमानत पर हैं। उन्हीं आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर दूसरी बार सरपंच पर हमला किया। इस बार सरपंच बच नहीं सका और उसकी हत्या हो गई।

मालखरौदा क्षेत्र के भुतहा गांव में कुछ दबंगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। उस पर फसल भी लगा दी है। इसकी शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग ने नोटिस जारी किया था। साथ ही फसल कटवा कर शासन के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी सरपंच द्वारिका प्रसाद चंद्रा को सौंपी थी। यह कार्रवाई सोमवार को की जानी थी। इससे एक दिन पहले ही दबंग फसल कटवाने पहुंच गए। सरपंच ने आपत्ति जताई तो उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।

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