फंदे पर लटके मिला नवविवाहित जोड़े का शव, कोर्ट मैरिज के बाद परिजनों से मिल रही थी धमकी, छोड़ा दो पन्नों का सुसाइड नोट

फंदे पर लटके मिला नवविवाहित जोड़े का शव, कोर्ट मैरिज के बाद परिजनों से मिल रही थी धमकी, छोड़ा दो पन्नों का सुसाइड नोट : गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र के महेंद्रा एंक्लेव में फर्रुखाबाद निवासी नवविवाहित जोड़े ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार को दोनों के शव फंदे पर लटके मिले। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड करने वाले पति-पत्नी रिश्ते में चचेरे भाई-बहन थे, जिन्होंने घर से भागकर 17 फरवरी को गाजियाबाद में कोर्ट मैरिज की थी। इस शादी से लड़की के परिवारवाले खुश नहीं थे। मौके से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दोनों ने लड़की के परिजनों से जान का खतरा बताया है।

 

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मूलरूप से थाना कायमगंज, जिला फर्रुखाबाद के गांव अल्लापुर निवासी पीयूष सिंह और निशा महेंद्रा एंक्लेव के एफ-ब्लॉक में सोहनवीर सिंह के मकान में किराये पर रह रहे थे। पीयूष मजदूरी कर अपनी आजीविका चला रहा था। दोनों ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार दोपहर मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शवों को नीचे उतारा और परिजनों को घटना की सूचना दी।

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एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने अंदेशा जताया है कि नवविवाहित जोड़े ने सोमवार देर रात फांसी लगाई थी। मंगलवार दोपहर बाद तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर पड़ोसी किरायेदारों ने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों के शव फंदे पर लटके मिले। एसीपी ने बताया कि पीयूष सिंह और निशा आपस में चचेरे भाई-बहन थे। दोनों 16 फरवरी को घर से लापता हुए थे।

 

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मौके से मिले सुसाइड नोट से पता चला है कि पीयूष और निशा ने 17 फरवरी को गाजियाबाद कोर्ट में शादी की थी। इस शादी से निशा के परिजन खुश नहीं थे। वह उन्हें और पीयूष के परिजनों को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। अंदेशा है कि लोकलाज और निशा के परिजनों के दबाव में ही दोनों ने आत्महत्या कर ली। दोनों के परिजनों के पहुंचने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।

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घर लाने की कोशिश में जुटे थे परिजन : घर से अचानक लापता हुए चचेरे भाई-बहन को परिवार के लोग वापस घर लाने की कोशिश में थे, पर दोनों ने अपना ठिकाना भी बदल लिया था। परिजन उन्हें ढूंढने के लिए पांच दिन पहले गाजियाबाद भी गए थे। परिजन कुछ समझ पाते इससे पहले मौत की खबर आ गई।

 

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‘मारकर जेल जाने की धमकी देते थे’

सुसाइड नोट में पीयूष ने लिखा कि उसने अपनी मर्जी से निशा से कोर्ट मैरिज की थी। निशा के घरवालों को यह मंजूर नहीं था। वह आए दिन उन्हें और उसके परिवार को धमकी देते थे कि उनके तीन बेटे हैं। एक बेटा दोनों को मारकर जेल चला जाएगा, तब भी दो बेटे बचे रहेंगे। निशा के घरवालों ने उसे ढूंढने की भी कोशिश की थी। एक दिन उसके नए नंबर पर कविनगर थाने के एसआई तेजवीर सिंह की कॉल आई तो उन्होंने मुझे समझाया। बाद में उसके बयान सुनकर उन्होंने उसे छोड़ दिया।

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साथ जी नहीं सकी, पर मर तो सकती हूं…

सुसाइड नोट में निशा ने लिखा कि वह अपनी मौत की खुद जिम्मेदार है। उसके पार्टनर का इस फैसले में कोई दबाव नहीं है। मैं अपने पार्टनर के साथ जीवित तो नहीं रह सकी, पर मर तो सकती हूं। दोनों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मरने के बाद हमारा दाह संस्कार एक साथ कराया जाए। निशा ने लिखा कि वह अपने घर से दो जोड़ी पाजेब ही लाई है। अगर कोई व्यक्ति कुछ अन्य सामान लाने का आरोप लगाता है तो वह बिल्कुल झूठ है। अगर उसके इस फैसले से परिवार, रिश्तेदार, दीदी, मां-पापा को बुरा लगे तो मेरी इतनी ही जिंदगी समझकर माफ कर देना।

 

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