शादी की रस्मों के बीच दुल्हन के भाभी की निकली चीख, मचा हड़कंप, घर में पसरा मातम, आक्रोश में परिजन

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से दुख भरी एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे सुनकर किसी का भी मन रुंआसा हो जाए। यहां एक घर में लड़की की शादी थी। शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। तय समय पर दूल्हा बारात लेकर दरवाजे पर पहुंच गया। शादी की रस्में पूरी होतीं इसके पहले ही घर के अंदर से दुल्हन की भाभी की चीखें सुनाई पड़ने लगीं। पता चला कि वो गर्भवती हैं और लेबर पेन शुरू हो गया।

 

शादी की रस्मों के बीच आनन-फानन में दुल्हन की गर्भवती भाभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां बाद में उनकी और उनके होने वाले बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की दुखद मौत की ये खबर जब शादी वाले घर में पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। डॉक्टरों की लापरवाही से परिवार की बहू और होने वाले बच्चे की जान गई थी सो घरवाले दुखी होने के साथ-साथ गुस्से में भी थे। उन्होंने जल्दी-जल्दी में दुल्हन की विदाई की और खुद निजी अस्पताल को घेरकर बैठ गए। उनकी मांग है की अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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यह घटना, कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र के मठिया गांव की है। प्रसव के दौरान जिन महिला की मृत्यु हुई है उनका नाम नीतू था और उम्र महज 25 साल थी। परिवारीजनों की मांग है कि नीतू के शव का पोस्टमार्ट कराया जाए ताकि अस्पताल संचालक और लापरवाही बरतने के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सही ढंग से जांच हो और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

किसकी थी शादी?

कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र के ग्राम मठिया बुर्जुग के रहने वाले गोबरी यादव की बेटी रुचि की शादी कुशीनगर के ही जटहा थाना क्षेत्र के बबुनिया निवासी सुजीत यादव से 9 मार्च को होनी तय हुई थी। दूल्हा यानी सुजीत यादव, बारात लेकर गोबरी के यहां पहुंचे हुए थे। रात में शादी की रस्में चल रही थीं कि इसी दौरान गोबरी के बेटे दीनदयाल की गर्भवती पत्नी नीतू यानी दुल्हन की भाभी को प्रवस पीड़ा होने लगी। इस पर परिवारीन नीतू को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा ले गए। जहां डाक्टर ने उसकी हालत खराब देख जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

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हालांकि परिवारीजन ने नीतू को जिला अस्पताल न ले जाकर कोटवा के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने नीतू को भर्ती कर लिया। परिवारीजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में नीतू के भर्ती होने के बाद बस निश्चिंत हो गए थे लेकिन डाक्टर ने लापरवाही की। उसकी लापरवाही की वजह से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। आरोप यह भी है कि मामला उलझता देख डाक्टर ने जच्चा-बच्चा को जिंदा बताया और अपने निजी साधन से उन्हें जिला अस्पताल भिजवा दिया।

 

जिला अस्पताल में डाक्टर ने जच्चा-बच्चा को मृत घोषित कर दिया। इससे परिवारीजन सन्न रह गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं नीतू सहित बच्चे की मौत हो जाने की सूचना मिलते ही शादी वाले घर में कोहराम मच गया। परिवारीजनों ने किसी तरह खुद को संभाला। लडकी को आनन फानन में विदा किया और फिर खुद कोटवा पहुंचकर वहां स्थित निजी अस्पताल को घेर लिया। परिवारीजन अस्पताल संचालक और डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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