
उन्होंने कहा की भीम आर्मी छत्तीसगढ़ सदैव शिक्षा, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार की अनदेखी की जाती है, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

भीम आर्मी छत्तीसगढ़ का कहना था कि यूजीसी बिल लागू होने से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में ओबीसी एवं एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले कथित भेदभाव पर रोक लगेगी। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने को समय की आवश्यकता बताया।
दोपहर 3 बजे के आसपास सभी राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए राजभवन की और रैली के शक्ल में नारेबाजी करते हुए निकले | उन्होंने “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते” और “यूजीसी बिल लागू करो” जैसे नारे लगाए। रैली मोतीबाग के पास पहुंची थी की पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया | भीम आर्मी के सदस्य वहीं सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे | प्रदर्शन करते हुए यूजीसी बिल को शीघ्र लागू करने की मांग करते रहे | रैली के दौरान उन्होंने कहा की यूजीसी बिल लागू होने से आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आएगी, जिससे वंचित वर्गों के छात्रों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकेंगे। प्रदर्शन के कुछ बाद मौके पर राजभवन से एक प्रतिनिधि मण्डल पहुंचा। जिसे राज्यपाल महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी को ज्ञापन सौंपा गया।