लेबनान और इजरायल के जंग में अब संकट गहराता जा रहा, हिजबुल्लाह ने अब मोसाद हेडक्वार्टर को बनाया निशाना

इजरायल
लेबनान और इजरायल के जंग में अब संकट गहराता जा रहा है। इजरायल के एक के बाद एक हमलों में लेबनान में 500 से ज्यादा मौतों के बाद हिजबुल्लाह तिलमिला गया है और किसी भी हालत में पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच हिजबुल्लाह ने बुधवार को कहा है कि उसने तेल अवीव के पास इजरायली जासूसी एजेंसी मोसाद के मुख्यालय को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। समूह ने कहा है कि हाल ही में हुए हमलों की योजना मोसाद हेडक्वार्टर में ही बनाई गई थी। यह पहली बार है जब हिजबुल्लाह ने लगभग एक साल से चल रही जंग के बाद से बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया है। वहीं इजरायली सेना ने कहा है कि हिजबुल्लाह की ओर से दागी गई मिसाइल पहली बार आयरन डोम के रोके जाने से पहले राजधानी तेल अवीव में पहुंची।

हिजबुल्लाह ने बुधवार को एक बयान में कहा, "समूह ने बुधवार, 25 सितंबर 2024 को सुबह साढ़े 6 बजे तेल अवीव के बाहरी इलाके में मोसाद मुख्यालय को निशाना बनाकर 'कादर 1' बैलिस्टिक मिसाइल दागी है।" पिछले सप्ताह लेबनान में हुए हमलों का जिक्र करते हुए बयान में कहा गया, "नेताओं की हत्या और पेजर और वायरलेस उपकरणों के विस्फोट के लिए मोसाद ही जिम्मेदार है।" इसमें यह भी कहा गया कि यह हमला गाजा के लोगों के समर्थन में और लेबनान और उसके लोगों की रक्षा के लिए किया गया है।

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पहली बार हिजबुल्लाह ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें
सैन्य विश्लेषक रियाद कहवाजी ने कहा है कि यह पहली बार है जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें ईरान में बनी हैं। गौरतलब है कि फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर किए गए हमले के बाद से ही हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच गोलीबारी का हो रही है। हमास के हमले ने गाजा में छिड़ी जंग में मिडिल ईस्ट में हिजबुल्लाह सहित अन्य ईरान समर्थित आतंकवादी गुट शामिल हो गए हैं।

2 दशक का सबसे घातक हमला
हाल के दिनों में इजरायल ने गाजा से ध्यान हटाकर लेबनान में बड़ी लड़ाई शुरू कर दी है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इजरायली हमलों में सोमवार को कम से कम 558 लोग मारे गए। लेबनान ने इसे 1975-90 के गृहयुद्ध के बाद से देश में हिंसा का सबसे घातक दिन दिन बताया है।

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