एग्जाम सेंटर बना ‘नकल सेंटर’! शिक्षकों की मिलीभगत से चार कमरों में धड़ल्ले से नकल

केसूर

संकुल केंद्र घाटाबिल्लौद के अंतर्गत आने वाले समीपस्थ गांव कोट भिड़ौता में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। शासकीय माध्यमिक विद्यालय कोट भिड़ौता में चल रही पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षकों द्वारा खुलेआम नकल करवाने का गंभीर वीडियो सामने आया है। यहां परीक्षा चार कमरों में आयोजित की जा रही है और सभी कमरों में बोर्ड पर उत्तर लिखकर छात्रों को नकल करवाई गई।

परीक्षा केंद्र बना 'सुविधा केंद्र', निष्पक्षता की उड़ीं धज्जियां

परीक्षा कक्ष में निजी स्कूलों के बच्चे भी मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह परीक्षा केंद्र पूरी तरह से ‘सुविधा केंद्र’ में तब्दील हो चुका है? शिक्षक स्वयं ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर लिख रहे थे और विद्यार्थी उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका में उतार रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता की धज्जियां उड़ती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने रहे। यह स्थिति न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि उन छात्रों के साथ भी अन्याय है, जो ईमानदारी से परीक्षा देते हैं।

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प्रशासनिक चुप्पी और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

यदि यह सच है तो शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। परीक्षा केंद्र पर न तो सख्त निगरानी दिखी और न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक व्यवस्था। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है? ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इनका कहना है कि दोषी शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाएं दोबारा न हों।

गणित के पेपर में 120 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

स्कूल में कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के कुल 120 छात्र-छात्रा परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं। इसमें निजी स्कूल के भी विद्यार्थी शामिल हैं। नकल करवाने का जिस दिन का यह वीडियो है, उस दिन गणित का प्रश्नपत्र था। हालांकि, संकुल केंद्र घाटाबिल्लौद के केंद्र अध्यक्ष भुवानसिंह बघेल ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है, "बोर्ड पर लिखने जैसा कुछ भी मामला नहीं है। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।"

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