बिलासपुर जिला के मस्तूरी जयराम नगर के पास रेलवे ट्रैक पर मिली लड़की के लाश का भेद खुल गया है| यह एक दुर्घटना नहीं बल्कि बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंंड को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने बॉयफ्रेंड और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद पूरा मामला उजागर हो गया | ग्राम चिचोला की किशोरी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने प्रेमी युवक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा प्रकरण प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। खैरागढ़ पुलिस के मुताबिक किशोरी और गांव के ही रहने वाले उम्र में उससे 13 साल बड़े आरोपित मोहन वर्मा (27) के बीच प्रेम संबंध था।
इस बीच ही किशोरी का गर्भ ठहर गया और आरोपित ने उसका अबार्शन करवा दिया। जिसके बाद ही किशोरी, मोहन पर साथ रहने का दबाव बनाने लगी। इस दबाव के चलते ही मोहन ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे ट्रेन से धक्का देकर मार डाला।
यह पूरी घटना महज 12 घंटों के बीच घटित हो गई। नाबालिग अपने मामा की शादी में खैरागढ़ आई हुई थी। घटना 28 मार्च की रात की है। मुख्य आरोपित मोहन वर्मा ने किशोरी को मिलने बुलाया। उसने पहले ही अपने दोस्त के साथ किशोरी को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी।
वह अपने दोस्त डोंगरगढ़ निवासी हरीश वर्मा और गांव के एक नाबालिग के साथ खैरागढ़ पहुंचा। यहां से वह मृतका को अपने साथ ले गया। इस बीच उसे नए कपड़े दिलाकर पुराने कपड़े बदलवा दिए। ताकि उसकी पहचान न हो। यहां से आरोपित उसे लेकर डोंगरगढ़ गए। जहां मोहन उसे साथ रहने की जिद नहीं करने के लिए समझाता रहा।
जब किशोरी नहीं मानी तो सभी टिकट लेकर वेनगंगा एक्सप्रेस से बिलासपुर की ओर निकल गए। इस बीच बिलासपुर स्टेशन आने तक मोहन ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी और स्टेशन पर उतरने की जिद करने लगी। इसके बाद अपने दोस्त के साथ मिलकर मोहन ने हत्या की जो योजना तैयार की थी, उस पर काम किया।
किशोरी और आरोपित एक साथ ट्रेन की बोगी में दरवाजे के पास खड़े हुए थे। तभी आरोपित मोहन ने थाना मस्तुरी क्षेत्र के जयरामनगर रेलवे स्टेशन के आगे उसे ट्रेन से धक्का दे दिया।
घटना के बाद 29 मार्च की सुबह आरोपित मोहन वर्मा, हरीश वर्मा व नाबालिग अकलतरा रेलवे स्टेशन पर उतरे। तीनों दूसरी ट्रेन में बैठकर वापस डोंगरगढ़ आ गये। यहां से हरीश अपने घर चला गया। आरोपित मोहन और नाबालिग मोटरसाइकिल से वापस अपने गांव के लिये निकले और रास्ते में सारंगपुर मोड़ पर पीड़िता के कपड़े को जला दिया।
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जांच में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन और अकलतरा स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में आरोपित और नाबालिग एक साथ दिखाई दिए। खैरागढ़ शहर के कैमरों में भी अपहरण की घटना कैद हुई। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने राज उगल दिया।
आरोपितों ने वारदात से पहले ही सबूत मिटाने की योजना बना ली थी। नाबालिग के कपड़े रास्ते में बदलवाए और मोबाइल तोड़कर फेंक दिया। वारदात के बाद लौटते समय कपड़ों को जला दिया गया। हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त मोबाइल व मोटरसाइकिल भी जब्त की।
घटना के बाद नाबालिग का शव बिलासपुर जिले के जयरामनगर-गतोरा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पास 29 मार्च को मिला था। वहां मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। खैरागढ़ पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही दोनों जिलों के बीच समन्वय स्थापित कर जांच आगे बढ़ाई गई।