बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की दूसरे दिन की यात्रा भी सुखद

भोपाल
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के द्वारा सीएसआई – एमपीरी में आयोजित दो दिवसीय "आईपी यात्रा" के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में रिसर्चरस, स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

यात्रा आयोजक एमएसएमई विकास कार्यालय इंदौर के सहायक निदेशक श्री निलेश त्रिवेदी ने अपने आरम्भिक सम्बोधन में जानकारी दी कि आईपी यात्रा के प्लेटफार्म से हम अनुसंधानकर्ता विभागों की नवीनतम तकनीकों को एमएसएमई इकाईयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रकाश में लाने में सफल हुए हैं। आईपी यात्रा समाप्त नहीं होगी अपितु इसके बाद भी एमएसमएमई विकास कार्यालय इंदौर छोटे उद्योगों और अनुसंधान करने वाली संस्थाओं के मध्य तकनीकी हस्तातरण और उनके आईपी अधिकारों के संरक्षण की प्रक्रिया में सदैव सहयोग, समन्वय और सेतु की भूमिका के लिए तत्पर रूप से सक्रिय रहेगी।

आईपी यात्रा के तकनीकी सत्र में सीएसआईआर- एमपीरी के श्री संदीप सिंघई ने सीएसआईआर में उपलब्ध नवीन तकनीकों एवं इनके हस्तातरण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने सीएसआईआर में उपलब्ध तकनीकों की अत्यंत उपयोगी जानकारी साझा की।

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विषय विशेषज्ञ श्री राकेश सोनी ने बौद्धिक सम्पदा के पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, ट्रेड सीक्रेट, डिजाइन प्रमाणन प्राप्त करने के बाद उनके व्यवसायिकरण की प्रक्रिया की चरणबद्ध रुपरेखा की विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं इसके अंतर्गत संबंधित नियमों की जानकारी भी प्रदान की. उन्होंने विभिन्न प्रकरणों के उदाहरण देकर केस स्टडी भी प्रस्तुत की।

एमएसएमई के श्री निलेश त्रिवेदी ने अपने प्रस्तुतिकरण में ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट, के विवादित ओद्योगिक और सेलिब्रेटी से संबंधित विवादित न्यायिक प्रकरणों की विस्तार से जानकारी बहुत ही रोचक रूप से प्रस्तुत की।

आईपी यात्रा कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने कार्यक्रम पश्चात प्रतिक्रिया में बहुत ही उत्कृष्ट श्रेणीकरण और सकारात्मक प्रतिक्रिया प्रस्तुत की एवं ऐसे उपयोगी कार्यक्रमों को सभी विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित करने का अनुरोध किया। आईपी यात्रा के प्रतिभागियों को आईपी विषय पर पाठ्य सामग्री भी वितरित की गई।

आईपी यात्रा में आईपी फेसिलिटेशन सेंटर में उपलब्ध की सुविधाओं की जानकारी आआईटी इंदौर के श्री आदित्य व्यास ने प्रदान की।

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कार्यक्रम के अंत में आईपी अधिकारों और तकनीकी हस्तातरण से लाभ प्राप्त करने वाले सफल उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुत की और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया।