USS अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला, खामेनेई सुरक्षित या मारे गए?

न्यूयॉर्क/तेहरान 

अमेरिका ने अपना सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला किया है. यह जहाज दक्षिण चीन सागर से मिडिल ईस्ट कुछ हफ्ते पहले पहुंचा था. अमेरिका कह रहा है – ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है, इसलिए हम अपनी पूरी ताकत तैनात कर चुके हैं. 

अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया क्या?

अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला शुरू कर दिया है. यह हमला इजरायल की मदद और ईरान को रोकने के लिए किया जा रहा है.

यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्या है?

यह अमेरिकी नौसेना का पूरा युद्ध समूह है. इसमें एक बड़ा कैरियर मुख्य जहाज होता है. पूरा ग्रुप अकेला ही पूरी सेना जितनी तबाही मचा सकता है. इसका नाम Carrier Strike Group 3 (CSG-3) है.

खामेनेई सुरक्षित या मारे गए

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमला शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व तनाव फैल गया है. इस अभियान का सबसे बड़ा और संवेदनशील पहलू यह बताया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दफ्तर को सीधे निशाना बनाया गया है. राजधानी तेहरान के मध्य स्थित उनके आधिकारिक कार्यालय पर हमले की खबर सामने आने के बाद हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं.

बताया जा रहा है सुप्रीम लीडर खामेनेई तेहरान में नहीं हैं और अमेरिका-इजरायल के हमले से पहले ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था. तेहरान समेत कई बड़े शहरों में एक के बाद एक जोरदार विस्फोट सुने गए. शुरुआती चरण में ईरान की सैन्य इकाइयों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों को निशाना बनाया गया.

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चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर हुए हमलों में मंत्रियों और मिलिट्री चीफ के घरों, डिफेंस और इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री के ठिकानों, और प्रेसिडेंशियल फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है.

इस ग्रुप में कितने जहाज और पनडुब्बियां हैं?

    1 बड़ा न्यूक्लियर कैरियर – यूएसएस अब्राहम लिंकन (1 लाख टन से ज्यादा वजन)
    3-4 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Arleigh Burke क्लास)
    कभी-कभी 1 क्रूजर
    1-2 न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बियां
    1-2 सपोर्ट जहाज (तेल, गोला-बारूद ले जाने वाले)
    कुल: 7-10 जहाज और पनडुब्बियां

इसमें कितने सैनिक और विमान हैं?

    कुल 7000-8000 सैनिक और मरीन
    65-70 लड़ाकू विमान
    F/A-18 Super Hornet
    F-35C स्टील्थ फाइटर
    E-2D Hawkeye (आसमान की नजर)
    MH-60 हेलीकॉप्टर
    EA-18G Growler (दुश्मन के रडार जाम करने वाला)

इसमें कितनी मिसाइलें और हथियार हैं?

    सैकड़ों टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें (दूर से दुश्मन को मारने वाली)
    हवा से हवा, हवा से जमीन मिसाइलें
    बम और गोला-बारूद हजारों किलो
    डिफेंस मिसाइलें (समुद्र से आने वाले हमले रोकने वाली)
    कैरियर खुद न्यूक्लियर पावर से चलता है, लेकिन उसके हथियार सामान्य हैं।

ईरान को कितना नुकसान होगा?

    बहुत भारी नुकसान.
    विमान रोज 100-150 हमले कर सकते हैं.
    टोमाहॉक मिसाइलें ईरान के एयरबेस, मिसाइल साइट, तेल फैक्टरी, नौसेना बेस को तबाह कर सकती हैं.
    ईरान की छोटी नौसेना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है.
    होर्मुज स्ट्रेट (तेल का रास्ता) पर कब्जा कर सकता है.
    ईरान की हवा में उड़ान बंद हो सकती है. 
    लेकिन ईरान के पास भी बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और दोस्त गुट हैं जो जवाब दे सकते हैं.

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यह ग्रुप क्यों भेजा गया?

ईरान को डराने, इजरायल की मदद करने और अमेरिका के हितों की रक्षा करने के लिए. यह कोई रोज का काम नहीं, बल्कि बहुत बड़े तनाव में खास भेजा गया है.

आगे क्या हो सकता है?

स्थिति बहुत गंभीर है. अगर ईरान ने जवाब दिया तो पूरा मिडिल ईस्ट फिर से जंग में फंस सकता है. तेल महंगा हो सकता है. दुनिया भर में टेंशन बढ़ गया है.

ईरान ने कर दिया पलटवार

इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से शनिवार सुबह ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करते हुए कई शहरों को निशाना बनाया, जिसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. इजरायल ने इसे प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक बताया है और कहा है कि संभावित हमले के खतरे को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, इस्फहान, क़ोम और खोर्रमाबाद समेत कई शहरों पर मिसाइल और एयरस्ट्राइक की गई. तेहरान में यूनिवर्सिटी स्ट्रीट इलाका, सुप्रीम कोर्ट और न्याय मंत्रालय के पास धमाके की खबर है. हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया. हालांकि खबर ये है कि खामेनेई को पहले ही सुरक्षित बंकर में पहुंचा दिया गया था.
इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

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इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है. अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है. एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं. इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं. यही कारण है कि इराक ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.
ईरान ने हमले के बाद क्या किया?
हालात बिगड़ते देख ईरान ने अपना पूरा एयरस्पेस बंद कर दिया है. इसके अलावा चेतावनी दी है कि हमला उसने शुरू किया है, लेकिन इस लड़ाई को खत्म वह करेगा. इजरायल में इमरजेंसी लगा दी गई है और लोगों को शेल्टर में रहने के निर्देश दिए गए हैं. कतर में अमेरिकी दूतावास ने भी अपने कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा है. इस बीच कई देशों ने अपने दूतावास खाली करने शुरू कर दिए हैं. अर्जेंटीना, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, यूक्रेन और आइसलैंड ने तेहरान से स्टाफ हटा लिया है.