भोपाल
मध्यप्रदेश की बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी- भोपाल रेल लाइन (bhopal ramganj mandi railway line) का काम अब अपने निर्णायक चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। करीब 3035 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट में अब काम की रफ्तार काफी तेज है। रेलवे ने मार्च-2026 तक अलग-अलग सेक्शन में ट्रैक बिछाने और ट्रायल रन शुरू करने की डेडलाइन तय कर दी है।
जिसके तहत जिले में खिलचीपुर से आगे राजगढ़ और ब्यावरा के साथ ही सोनकच्छ तक मार्च तक ट्रायल रन के लिए ट्रैक तैयार होगा। केवल सोनकच्छ से नरसिंहगढ़ और कुरावर वाला हिस्सा ही इसके बाद शेष रह जाएगा। जिसे भी सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है।
राजस्थान के हिस्से का काम पूरा
बता दें कि राजस्थान में काफी पहले काम पूरा हो चुका है, लेकिन मप्र की सीमा में प्रशासकीय और रेलवे के ढीले रवैये के चलते काम पिछड़ा है। राजगढ़ जिले की बात करे यहां जमीन अधिग्रहण के कारण भी काम में देरी हुई है। यहीं कारण है कि वर्ष-2022 में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट अभी तक अधूरा है। हालांकि अब काम निर्णायक मोड में पहुंचता नजर आ रहा है। अर्थवर्क नरसिंहगढ़ के एक सेक्शन को छोड़कर लगभग सभी जगह पूरा हो चुका है। अब केवल ट्रैक बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का काम शेष है।
खिलचीपुर और ब्यावरा में बिछीं पटरियां
कोटा मंडल में आने वाले रामगंज मंडी से ब्यावरा का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। खिलचीपुर से करीब 12 किमी आगे तक पटरियां बिछाई जा चुकी है। इसके साथ ही ब्यावरा राजगढ़ सेक्शन में भी ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
वहीं भोपाल मंडल में ब्यावरा से आगे सोनकच्छ सेक्शन के लिए भी मार्च की डेडलाइन तय की है। जिसके तहत ब्यावरा से करीब चार किमी आगे तक पटरियां बिछाई जा चुकी है। उधर श्यामपुर से आगे अब कुरावर तक भी ट्रैक तैयार होने वाला है। ब्यावरा से सोनकच्छ तक ट्रैक तैयार होने के बाद करीब 80 फीसदी काम भोपाल मंडल का भी पूरा हो जाएगा। केवल नरसिंहगढ़ के बीच का करीब 22-25 किमी सेक्शन में ही काम अधिक बाकी है।
राजगढ़ जिले में रहेंगे ये स्टेशन
रेल लाइन पर जिले में ब्यावरा जंक्शन सहित छह स्टेशन रहेंगे। राजस्थान तरफ से खिलचीपुर के भोजपुर से एंट्री करने वाले ट्रैक पर पहला स्टेशन भोजपुर ही है। इसके बाद खिलचीपुर, राजगढ़, ब्यावरा जंक्शन, नरसिंहगढ़ और कुरावर शामिल है। इसके आगे श्यामपुर होते हुए हिरदाराम और भोपाल लाइन जुड़ेगी। ट्रैक की बात करे तो खिलचीपुर से राजगढ़ और एनएच-52 के सामानांतर और राजगढ़-ब्यावरा के बीच हाईवे को क्रॉस कर ब्यावरा पहुंचेगी। जहां से ब्यावरा से पांच किमी आगे मक्सी-रुठियाई ट्रैक के सामांतर और फिर ट्रैक पूर्व में अलग होकर करीब सात सौ मीटर आगे देवास हाईवे को क्रॉस करेगी, इसके बाद एनएच-46 के साइड में होते हुए कुरावर के पास फिर फोरलेन क्रॉस करेगी
भोपाल रेल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी ने बताया कि मार्च तक ब्यावरा से सोनकच्छ तक ट्रायल ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। इस सेक्शन में अर्थवर्क लगभग पूरा हो चुका है। पटरियां बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण किया जा रहा है। मार्च तक 80 प्रतिशत हमारा काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद केवल एक ही सेक्शन का काम रह जाएगा। जिसे भी अक्टूबर तक पूरा करा लिया जाएगा।
कोटा मंडल के ट्रैक इंजीनियर गौरव मिश्रा का कहना है लगभग 90 फीसदी काम हमारा पूरा हो चुका है। अब केवल राजगढ़ ब्यावरा के बीच ट्रैक और कुछ हिस्सा खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच बाकी है। जिसे भी मार्च तक पूरा कराने की डेडलाइन तय है।