घटना बाड़मेर जिले के भीलासर नाड़ी की है। जहां 30 वर्षीय सोनी ने पहले तो अपनी 3 साल की बेटी ललिता और डेढ़ साल के बेटे मगाराम को पानी के टैंक में फेंका और उसके बाद खुद को केमिकल डालकर आग लगा दी। जब सोनी चिल्लाई तो उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग घर पर पहुंचे। जिन्होंने पहले तो सोनी को हॉस्पिटल पहुंचाया। लेकिन वह पूरी तरह से जल चुकी थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई इसके बाद दोनों मासूमों के शव को निकाला गया।
घटना के बच्चे पहले खेत में खेल रहे थे जिन्हें मां लेकर आई और फिर पूरा घटनाक्रम किया। हालांकि अभी तक मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतका के एक 10 साल की बेटी और है। मृतका की शादी सताराम से करीब 12 साल पहले हुई थी। जिसका पति प्राइवेट बस चलाने का काम करता है। जिस दौरान यह घटना हुई उस वक्त मृतका का पति बाड़मेर शहर की तरफ बस लेकर गया हुआ था। प्रथम दृष्टया पुलिस से पारिवारिक कारणों से पूरे घटनाक्रम को जोड़ रही है।
वहीं अब इस घटना के बाद मृतका के पति सताराम और 10 साल की बेटी बुरी तरह से सदमे में है। 10 साल की बेटी को इतना तो समझ आ गया कि उसकी मां और छोटे भाई बहन इस दुनिया में नहीं रहे। घटना के बाद से वह भी मायूस है। राजस्थान में इस तरह का यह पहला कोई मामला नहीं है जब कोई मां अपने बच्चों के साथ मरी हो। इसके पहले राजस्थान के जोधपुर जिले में भी एक ऐसे ही घटना सामने आई थी। जब एक विवाहिता अपने दो बच्चों के साथ पानी के टैंक में डूब कर मर गई थी। उस मामले में भी पारिवारिक कारणों से सुसाइड की बात सामने आई थी।