Pamgarh : जब-तक जान नही चली गई तब-तक चेहरा, सीना और हाथ पैर में पटकते रहे पत्थर, चाचा के दोनों हत्यारे पहुंचे जेल

पामगढ़ में जमींन के सीमांकन को लेकर उपजे विवाद के बाद भतीजों ने चाचा के चेहरा,सीना और हाथ पैर में तब-तक बड़ा सा पत्थर पटकते रहे, जबतक उसकी जान नहीं चली गई | यह सुनकर किसी का भी रूह काँप जाएगा | लेकिन दोनों को जरा सा भी रहम अपने चाचा पर नहीं आया | पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को न्यायालय पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक खोलबहरा साहू ग्राम तनौद का रहने वाला है। वह पारिवारिक जमीन विवाद के चलते वर्तमान में लोहर्सि(सोन) थाना पचपेड़ी जिला बिलासपुर में रह रहा था। अपने जमीन का सीमांकन कराने गुरुवार को ग्राम तनोद आया हुआ था। वह धनेश महिपाल के घर संचालित पटवारी कार्यालय गया था जहां पर इसके दोनों भतीजे उत्तम प्रसाद साहू और संतोष साहू पहुंचकर सीमांकन नही कराने की बात पर वाद विवाद करते हुए वही पर मारपीट शुरू कर उसके हाथ को पकड़कर खींचते हुए उसे करीब 60-70 मीटर दूर मेन रोड तनोद सरस्वती शिशु मंदिर के पास सुरित दिवाकर के दुकान के सामने ले जाकर उसे मारते हुए पटक दिए और खोल बहरा के नीचे गिरने पर संतोष साहू उसके पैर को पकड़ लिया और उत्तम साहू वही पर पड़ा बड़ा सा वजनी पत्थर से उसके चेहरा,सीना और हाथ पैर में कई बार पटक पटक कर मारा जिससे खोल बहरा की मृत्यु हो गयी। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए । मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवरीनारायण स्टाफ घटनास्थल पहुंचकर घटना स्थल में पड़े एक खून लगे बड़े पत्थर को जप्त किया गया तथा उक्त दोनों फरार आरोपियों की पतासाजी कर दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जमीन विवाद पर मृतक की हत्या करना स्वीकार किये। आरोपी संतोष साहू एवं उत्तम प्रसाद साहू दोनों निवासी ग्राम तनौद को दिनांक 02.02.23 को  गिरफ्तार किया गया जिन्हें दिनांक 03.02.23 को न्यायालय पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार करने में निरीक्षक रविन्द्र अनंत, सउनि के के कोसले, प्र.आर. रूद्र नारायण कश्यप, परमानंद घृतलहरे एवं आरक्षक महेन्द्र राज का  सराहनीय योगदान रहा।
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