पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा

भोपाल

पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की।

पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा।

उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा।

पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है।

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उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।

 मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें।

डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।"

उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है।

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उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं।

उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए।

मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है।

उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं।

उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

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अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें।

पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया।

इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।