जांजगीर जिला के नवागढ़ में एक विधवा महिला अपने सात बच्चों को लेकर आवास निर्माण की जमीन के लिए भटक रही है। उसकी जमीन पर उसके चाचा ने कब्जा कर रखा है। जिसे उसे देने का नाम नहीं ले रहा है। परेशान विधवा महिला ने कलेक्टर से इसके गुहार लगाई है। मामला शिवरीनारायण थाना के ग्राम कनस्दा का है|
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दरअसल जमुना देवी महंत की शादी डेरिहा दास से हुई थी| उसके सात बच्चे भी हैं इसी बीच उसके पति की मृत्यु हो गई| इसके बाद वह अपने साथ बच्चों को लेकर अपने माता-पिता के पास आ गई और वहीं रहने लगी। जमुना देवी अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी। माता-पिता की मृत्यु के बाद उसकी पूरी जमीन को उसके चाचा गौर दास ने कब्जा कर लिया साथ ही उसके रहने वाली जमीन को बेच दिया।
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पति की मृत्यु के बाद महिला जब अपने मायके पहुंची तो उसे कुछ नहीं मिला| गांव के सरपंच ने महिला की परेशानी और गांव की बेटी की दृष्टि से देखते हुए उसे तालाब किनारे रहने की जगह दे दी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके नाम भी शामिल किया। जिसे उसकी पहली किस्त भी मिल चुकी है।
अब वह घर बनाने के लिए अपने चाचा से थोड़ी सी जमीन मांग रही है लेकिन वे लोग जमीन देना नहीं चाह रहे हैं| जिससे परेशान होकर महिला ने कलेक्टर से गुहार लगाई है। महिला ने बताया बड़ी मुश्किल वह अपना घर चलाती है|
