वैष्णो देवी यात्रा: 24 घंटे में न पूरी करने पर जुर्माना नहीं, प्रशासन बढ़ाएगा सतर्कता

कटरा 
हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू के कटरा पहुंचते हैं. आस्था, अनुशासन और सुरक्षा इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान रही है. बढ़ती भीड़ और बेहतर व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड समय समय पर नियमों में बदलाव करता रहता है. अब यात्रा को लेकर कुछ नए नियम लागू किए गए हैं. जिनका हर श्रद्धालु के लिए मानना जरूरी है. 

इन नियमों का उद्देश्य किसी श्रद्धालु पर सजा थोपना नहीं है. मकसद सिर्फ इतना है कि यात्रा व्यवस्थित रहे.  हर व्यक्ति सुरक्षित रहे और भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके. इसी वजह से कई श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर 24 घंटे में यात्रा पूरी न हो पाए तो आगे क्या होगा और क्या श्राइन बोर्ड जुर्माना वसूलेगा. आइए इन सभी नियमों को आसान और साफ भाषा में समझते हैं.
24 घंटे में यात्रा पूरी न करने पर क्या होगा?

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नए नियमों के मुताबिक जो श्रद्धालु बाणगंगा से पैदल यात्रा शुरू करता है. उसे 24 घंटे के भीतर वापस बाणगंगा रिपोर्ट करना जरूरी है. इसका मतलब यह नहीं है कि 24 घंटे पूरे होते ही जुर्माना लग जाएगा. बल्कि यह एक ट्रैकिंग और सेफ्टी नियम है. अगर कोई श्रद्धालु तय समय में रिपोर्ट नहीं करता.

तो प्रशासन उसकी स्थिति को लेकर सतर्क हो जाता है. जरूरत पड़ने पर मदद या जांच की जाती है. श्राइन बोर्ड की ओर से अभी किसी तरह के आर्थिक जुर्माने का प्रावधान नहीं किया गया है. यह नियम भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है. इसलिए समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
रिफ्ड कार्ड और रोपवे टिकट से जुड़े नए नियम

श्राइन बोर्ड ने रिफ्ड कार्ड को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं. अब कोई भी श्रद्धालु जब रिफ्ड कार्ड लेता है. तो उसे 10 घंटे के भीतर अपनी यात्रा शुरू करनी होगी. अगर तय समय में यात्रा शुरू नहीं होती. तो वही कार्ड मान्य नहीं रहेगा और दोबारा कार्ड बनवाना पड़ेगा. वहीं माता वैष्णो देवी मंदिर से भैरव घाटी तक चलने वाले रोपवे टिकट पर भी समय सीमा तय की गई है.

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रोपवे टिकट लेने वाले श्रद्धालु को 2 घंटे के भीतर भैरव घाटी की यात्रा पूरी करनी होगी. इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि टिकट और सुविधाओं का दुरुपयोग न हो और हर श्रद्धालु को सही तरीके से दर्शन का मौका मिले.