वास्तु शास्त्र: पेड़ों को काटते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना घर में बढ़ सकता है वास्तु दोष

  घर बनवाना हो, बिजली की तारें टकरा रही हों, या बस आंगन में धूप कम आ रही हो हम अक्सर बिना सोचे-समझे कुल्हाड़ी उठा लेते हैं और बरसों पुराने पेड़ को काट गिराते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि नियमों को नजरअंदाज करना आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सकता है. वास्तु दोष का साया पूरे परिवार की सुख-शांति को प्रभावित कर सकता है.

आभामंडल (Aura) और ऊर्जा का संतुलन
वास्तु के अनुसार, हर जीवित वृक्ष का अपना एक आभामंडल होता है. जब आप बिना नियम के उसे काटते हैं, तो वह स्थान शोक की स्थिति में आ जाता है.  इसका सीधा असर घर के मुखिया के मानसिक स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है.

देव वृक्षों को काटने का महापाप
पीपल, बरगद और गूलर को देव वृक्ष माना गया है. अगर ये दीवार या तारों को नुकसान पहुंचा रहे हों, तो भी इन्हें काटना भारी वास्तु दोष, पितृ दोष और संतान कष्ट का कारण बन सकता है.  अगर इन्हें हटाना जरुरी हो, तो विधि-विधान से पूजा के बाद ही यह कदम उठाएं.

See also  आयरन की कमी के लक्षण और संकेत

माफी और शुभ समय का चयन
काटने से पहले पेड़ की गंध, पुष्प और नैवेद्य से पूजा करें.  तने को सफेद कपड़े से ढककर उस पर सफेद सूत लपेटें. पेड़ से प्रार्थना करें कि उस पर निवास करने वाले सूक्ष्म जीव दूसरे स्थान में शरण ले लें.  विशेष परिस्थितियों में पीपल काटना हो, तो चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी चुनें, लेकिन शनिवार, गुरुवार या रविवार से बचें.

निषिद्ध दिन: भूलकर भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को पेड़ न काटें.

शुभ नक्षत्र: मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, स्वाति और श्रवण नक्षत्र पेड़ काटने के लिए उत्तम हैं.

समय: सुबह का समय सबसे उपयुक्त है, दोपहर में पेड़ काटने से बचें.

क्षतिपूर्ति: एक के बदले दस का नियम
वास्तु शास्त्र में प्रकृति के ऋण का भुगतान अनिवार्य है.  यदि मजबूरी में एक पेड़ काटना पड़े, तो उस ऊर्जा के शून्य को भरने के लिए 10 नए पौधे लगाने होंगे. नियम तब पूरा माना जाता है जब वे पौधे फलने-फूलने लगें.

See also  हाथी की मूर्ति बदल सकती है आपका भाग्य, फेंगशुई नियमों के अनुसार लाती है सकारात्मक ऊर्जा

दिशाओं का विशेष ध्यान
ईशान कोण (North-East): यहां का पेड़ काटना अपनी किस्मत का दरवाजा बंद करने जैसा है. यह सात्विक ऊर्जा का द्वार है.

दक्षिण दिशा (South): यहां के पेड़ हटाना तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है.

काटने की दिशा: पेड़ को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर से काटना शुरू करना चाहिए.