विराट कोहली का 9 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने के कगार पर, धर्मशाला में इतिहास रचेंगे अभिषेक शर्मा

   धर्मशाला 

अभिषेक शर्मा टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन बनाने के विराट कोहली के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए हैं. कोहली ने यह कीर्तिमान 2016 में बनाया था, जब उन्होंने 31 मैचों में 89.66 की औसत से 1,614 रन बनाए थे. उस दौरान उनके नाम चार शतक और 14 अर्धशतक दर्ज थे. अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को पार करने से सिर्फ 87 रन दूर हैं.

अभिषेक के नाम इतने रन

इस साल अभिषेक शर्मा ने 39 टी20 मैचों में 41.43 की औसत से 1,533 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं. बाएं हाथ के यह बल्लेबाज़ अगली बार रविवार, 14 दिसंबर को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में मैदान पर उतरेंगे.

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका चल रही टी20I सीरीज़ में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक शानदार झलक और अस्थिरता का मिश्रण रहा है. कटक में खेले गए पहले टी20I में वह सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन भारत ने फिर भी छह विकेट पर 175 रन बनाए और मुकाबला 101 रन से आसानी से जीत लिया.

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न्यू चंडीगढ़ में हुए दूसरे टी20I में भी अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, लेकिन वह सिर्फ 8 गेंदों में 17 रन ही बना सके. इस छोटी पारी में उन्होंने दो छक्के लगाए, जिनमें से एक छक्का उन्हें एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 से अधिक छक्के लगाने वाले चुनिंदा भारतीय पावर हिटर्स की सूची में ले गया.

हालांकि यह तेज़ कैमियो निर्णायक साबित नहीं हो सका और शर्मा जल्दी आउट हो गए. इसके बाद भारत की बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए चार विकेट पर 213 रन बनाए और भारत को 51 रन से हराकर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर दी.

अब तक भारत का अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा है. पहले मुकाबले में जहां गेंदबाज़ों ने दबदबा बनाया और बल्लेबाज़ों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, वहीं दूसरे मैच में 214 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम 19.1 ओवर में 162 रन पर सिमट गई, जिससे रन चेज़ में कमजोरियां उजागर हुईं.

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पांच मैचों की सीरीज़ अब बराबरी पर है और भारत को आगे के मुकाबलों में शीर्ष और मध्यक्रम दोनों से अधिक निरंतर योगदान की ज़रूरत होगी. वहीं अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाज़ी अब भी भारत के लिए मैच जिताने वाला तुरुप का पत्ता बनी हुई है.