सहारा इंडिया का पैसा का आगे क्या होगा?, जाने सहारा इंडिया, सुप्रीम कोर्ट और सहकारिता मंत्रालय के बीच क्या है हकीकत?

Sahara India Refund : सहारा इंडिया निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर रिफंड पोर्टल से मिल रही है। आपको बता दे की सहारा रिफंड पोर्टल पर अपने पैसे के लिए क्लेम जो भी लोग कर चुके हैं। और पोर्टल के द्वारा क्लेम किए गए आवेदन पर अभी तक पेमेंट नहीं मिला है या फिर पेमेंट फेल हो गया है। इसके बारे में पोर्टल (Sahara India Refund) के माध्यम से लोगों को सूचित किया गया है। आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।

 

दरअसल सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) के माध्यम से लोगों को सूचित करते हुए बताया गया कि हम वर्तमान में 19999 तक के क्लेम के लिए फिर से सबमिशन स्वीकार कर रहे हैं। अन्य पत्र दावों के लिए तारीख की घोषणा जल्द ही होगी। दोबारा सबमिट किए गए दावों पर 45 कार्य दिवस के भीतर कार्रवाई किया जाएगा।

आपको बता दे की सहारा समूह के निवेशक का पैसा लौटाने के लिए केंद्र सरकार को 5000 करोड रुपए अभी तक मिले हैं। पोर्टल के माध्यम से निवेशक को पैसा भी मिला है। पोर्टल के जरिए निवेश को ने सहारा इंडिया की सहकारी समितियां में फंसे 80000 करोड रुपए वापस लेने की मांग की है। जबकि सहारा समूह में 9.88 करोड़ निवेशको 867673 करोड रुपए फंसे हैं।

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इसके अलावा मोदी सरकार अब सुप्रीम कोर्ट से और पैसा पानी के लिए गुहार लगा रही है। आपको बता दे की खबर यह था कि 2024 चुनाव के पहले निवेशकों के पैसे के लिए सुप्रीम कोर्ट के तरफ से कुछ नया आदेश निकलकर आएगा। लेकिन यह काम भी विफल नजर आ रहा है। वही सहारा समूह में 1.13 करोड़ निवेदक ऐसे हैं जिनका ₹5000 से काम की रकम जमा किया गया है। ऐसे गरीब निवेशकों को ही रिफंड के लिए कुल 2793 करोड रुपए की जरूरत है।

Sahara India Refund : आपको बता दी की सहायता राज्य मंत्री बीएल वर्मा जी के द्वारा राज्यसभा में प्रश्न कल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में साफ-साफ बताया गया कि सहारा समूह से अधिक धनराशि पाने के लिए वह फिर से सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख करेंगे। बीएल वर्मा जी के द्वारा बताया गया कि सहकारिता मंत्रालय ने निवेशकों के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है जहां निवेशक अपने फंसे पैसे पैसे पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि अब तक 3 करोड़ निवेश को ने 80000 करोड रुपए वापस पानी के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है। हमने 45 दिनों में निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। हमें 5000 करोड रुपए अभी तक मिल पाए हैं।

सहारा इंडिया, सुप्रीम कोर्ट और सहकारिता मंत्रालय के बीच क्या है हकीकत?

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिम एम आर शाह और सिटी रवि कुमार की पीठ ने अपने आदेश में 9 महीने के भीतर निवेशकों के पैसे लौटाने का आदेश दिया था। लेकिन 5000 करोड रुपए की धनराशि से भी सहारा खाते से सेंट्रल रजिस्टर का कोऑपरेटिव सोसाइटी को ट्रांसफर किया गया। सेबी सहारा रिफंड खाते में तकरीबन 24.5000 करोड रुपए पड़े हुए हैं।

सेबी सहारा रिफंड खाता अगस्त 2012 से उस वक्त खोला गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दो प्रमुख फर्मों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRCL) और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) को रिलीज किए गए ऑप्शनली फूल कन्वर्टिबल बाउंड्स, मैं इन्वेस्टर के पैसे लौटाने को कहा गया।

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कोर्ट के आदेश के बाद सहारा ने 15000 करोड रुपए की धनराशि से ज्यादा इस खाते में जमा करवाए थे। जो ब्याज के साथ अभी बढ़कर 24000 करोड रुपए हो चुका है। सेबी सहारा रिफंड खाते से दिसंबर 2022 तक केवल 133 करोड रुपए ही रिफंड किया जा चुका है।

सहारा इंडिया का पैसा का आगे क्या होगा?

अगर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पैसे देने का आदेश जारी करता है तो सहारा की कुछ निवेशकों को राहत मिल सकता है। सहारा रिफंड के लिए दावेदार की संख्या और रकम को देखते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले पैसा मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।