योगी आदित्य नाथ बोले- आज का उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में आगे, जल्द बनेगा नंबर एक राज्य

लखनऊ. 
अटलजी का उत्तर प्रदेश से गहरा नाता रहा है। आगरा के बटेश्वर में उनका पैतृक निवास, कानपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की, बलरामपुर से राजनीतिक पारी की शुरुआत की और लखनऊ से सांसद रहे। यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। शनिवार को श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा अटलजी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह एवं काव्य समागम में अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने अटलजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेश की प्रगति और विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश बीमारू था, अब बीमारी का इलाज करता है। पिछले आठ वर्षों में प्रदेश ने जो तरक्की की है, वो किसी से छिपी नहीं है। बहुत जल्द हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में देश में नंबर एक बनेगा। केजीएमयू स्थित अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटलजी की स्मृतियों को संजोने के लिए बलरामपुर में सरकार मेडिकल कॉलेज बना रही है। अटल आवासीय विद्यालय से श्रमिकों के बच्चे आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रदेश ने बहुत तरक्की की है। अटलजी की प्रथम पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोकभवन में स्थापित अटलजी की मूर्ति का अनावरण करते हुए लखनऊ में उत्तर प्रदेश की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि का अनावरण किया था। उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज इसी विवि से संबद्ध किए गए हैं। 

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भारतीय राजनीति के थे अजातशत्रुः ब्रजेश पाठक 
स्वागत भाषण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटलजी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे। उनका कोई विपक्षी नहीं था। वे सदैव लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे। अपनी साहित्यिक कृतियों के माध्यम से लोगों में देशभक्ति की अलख जगाते थे। विदेश में भी वे मातृभाषा हिंदी में भाषण देते थे। वे राजनीति में शुचिता के साथ काम करते थे। उप मुख्यमंत्री ने अटलजी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अटलजी के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। 

डिप्टी सीएम द्वारा लिखी पुस्तक का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा अटलजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर लिखित पुस्तक अतुलनीय अटलजी (व्यक्तित्व, विचार व विरासत) का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में अटलजी से जुड़ीं यादें व उनकी कविताओं के अंश शामिल हैं। 

भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थेः सुरेंद्र शर्मा 
पद्मश्री कवि एवं लेखक सुरेंद्र शर्मा ने काव्यपाठ करते हुए जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण और राधा पर केंद्रित कविता पाठ किया। उन्होंने अटलजी को याद करते हुए उनसे जुड़े कई संस्मरण भी सुनाए। कहा कि अटलजी हमेशा कहते थे कि आप हार का जश्न मनाओ तो जीतने वाला भी हार जाता है। उन्होंने कहा कि वे भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थे। किसी भी पीड़ा को उल्लास में बदल देते थे। उन्होंने कभी भी अपने साहित्य को राजनीति में नहीं आने दिया। समारोह में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और उदयीमान युवा कवियों को भी सम्मानित किया गया। 

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इन्होंने रखे विचार 
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज हम अटलजी की सातवीं पुण्यतिथि पर एकत्रित हुए हैं। अटलजी ने जो सपना देखा था, उसे साकार करने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। हमारे देश आज शिखर को छू रहा है। राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने अटलजी से जुड़े अपने कुछ संस्मरण सुनाए। कहा कि उनका कोई विरोधी नहीं था, वे सभी के प्रिय थे। लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि अटलजी का वाचन सम्मोहित कर देता था। कई बार उन्हें सुनने का मौका मिला। वे बहुत स्नेह करते थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहाकि अटलजी सुशासन के प्रतीक हैं। उनकी यादें सदा हमारे दिलों में रहेंगी। 

इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मंत्रीगण स्वतंत्र देव सिंह, दारा सिंह चौहान, ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, महापौर सुषमा खर्कपाल, पूर्व सांसद अशोक वाजपेयी, विधान परिषद सदस्यगण महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, उमेश द्विवेदी, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह, गोविंद नारायण शुक्ला, संतोष सिंह, अवनीश सिंह, विधायकगण जय देवी, अमरेश कुमार, योगेश शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा, मोहसिन रजा, अंजनी श्रीवास्तव, रजनीश गुप्ता, अमित टंडन, कविगण डॉ. अतुल वाजपेयी, प्रख्यात मिश्रा, विकास बौखल, शशि श्रेया, विख्यात मिश्रा, रमेश तूफानी एवं संचालन शैलंद्र शर्मा अटल ने किया।

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