योगी सरकार का मेगा पुश: यमुना एक्सप्रेसवे पर 65 से अधिक इकाइयों को भूमि आवंटन

मुख्यमंत्री ने बीते रविवार को प्रदान किए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों तथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिनिक्स से लेकर हेल्थ सेक्टर तक में निवेश होगा

यमुना एक्सप्रेसवे बन रहा औद्योगिक विकास का नया पावरहाउस, योगी सरकार ने यमुना प्राधिकरण में औद्योगिकीकरण को दी रफ्तार

प्राधिकरण ने 65 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवंटित किए भूखंड

लखनऊ,

 यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर के लिए एक उभरता हुआ राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और तेज निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है कि हजारों करोड़ के निवेश के साथ लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यीडा ने वर्ष 2025-26 में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए कई सकारात्मक और ठोस पहल की हैं। प्राधिकरण ने 65 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटित किए हैं। बीते रविवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों को उद्योगों और मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए थे।

See also  लेखपाल के परिवार से 52 लाख लूटकांड में बड़ा ऐक्शन, एसपी ने थाना प्रभारी पर की कार्रवाई

व्यापक निवेश के साथ उपलब्ध हो रहे रोजगार
यीडा की औद्योगिक योजना के अंतर्गत 28 औद्योगिक इकाइयों को 2.32 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई, जिसमें लगभग 1332 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 8783 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, ई-ऑक्शन योजना के माध्यम से 37 औद्योगिक इकाइयों को एक लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का निवेश और 4800 रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, इनवेस्ट यूपी और शासन के विभागों द्वारा जारी एलओसी के माध्यम से 09 औद्योगिक इकाइयों को 18.77 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। इन इकाइयों से लगभग 21,128 करोड़ रुपये का निवेश और 18044 युवाओं के लिए रोजगार सृजित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने सौंपे आवंटन पत्र
मुख्यमंत्री ने बीते रविवार को चार प्रमुख कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। इनमें इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को 48 एकड़ भूमि, एसेंट सर्किट प्राइवेट लि. को सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि और अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लि. को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन तीनों परियोजनाओं में 10,500 करोड़ से ज्यादा का निवेश प्रस्तावित है, जबकि हजारों रोजगार के साधन सृजित होंगे। इनके माध्यम से सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की इकाइयां स्थापित हो रही हैं।

See also  बांग्लादेश की टेस्ट में सबसे बड़ी जीत:अफगानिस्तान को 546 रन से हराया, शांतो ने दोनों पारियों में शतक जमाए ढाका3 घंटे पहले इंटरनेशनल क्रिकेट के टेस्ट इतिहास में यह किसी भी टीम की तीसरी सबसे बड़ी जीत है। - Dainik Bhaskar इंटरनेशनल क्रिकेट के टेस्ट इतिहास में यह किसी भी टीम की तीसरी सबसे बड़ी जीत है। बांग्लादेश ने अफगानिस्तान को इकलौते टेस्ट मैच में 546 रनों से हराया। ये बांग्लादेश की टेस्ट में सबसे बड़ी जीत है, जबकि इंटरनेशनल टेस्ट इतिहास में किसी भी टीम की रनों के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले इंग्लैंड ने 1928 में ऑस्ट्रेलिया को 675 रनों से हराया था, जबकि 1934 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 562 रनों से हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरी पारी में मिले 662 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम 115 रन ही बना सकी। अफगानिस्तान ने चौथे दिन आखिरी 5 विकेट 35 रन के अंदर गंवा दिए। बांग्लादेश की ओर से नजमुल हुसैन शांतो ने दोनों पारियों में शतक लगाए। इसके अलावा बांग्लादेश की ओर से शोरीफुल इस्लाम और एबोदत हुसैन ने दोनों पारियों में 5-5 विकेट लिए। इससे पहले बांग्लादेश ने टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 382 रन और दूसरी पारी में 4 विकेट पर 425 रन बनाने के बाद पारी घोषित कर दी। वहीं अफगानिस्तान ने पहली पारी में 146 और दूसरी पारी में 115 रन बनाए।

औद्योगिक विकास के साथ स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित की गई है। इस परियोजना में 532.18 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवंटित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जाए, ताकि निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।