प्रदेश के 24 हजार 662 आंगनबाड़ी का हो रहा स्मार्ट कायाकल्प

  • डिजिटल लर्निंग से लेकर पोषण वाटिका तक की सुविधा उपलब्ध
  • ECCE और स्मार्ट सुविधाओं से सवरेंगे आंगनबाड़ी केंद्र
  • 25 प्रतिशत आंगनबाड़ी होंगे ‘सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र’

भोपाल 
मध्यप्रदेश के लगभग 24 हजार 662 आंगनबाड़ी को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में उन्नत किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 25 प्रतिशत केंद्रों को आधुनिक तकनीक और मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर स्मार्ट बनाया जा रहा है। यह पहल प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को मजबूती प्रदान करेगी और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित आंगनबाड़ी केंद्र को 1 लाख रूपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। उन्नयन में एलईडी (स्मार्ट टीवी), वॉटर प्यूरीफायर, वर्षा जल संचयन प्रणाली, पोषण वाटिका, और ECCE गतिविधियों के लिये आवश्यक संसाधनों की स्थापना सम्मिलित है।

बच्चों को मिलेगी स्मार्ट शिक्षा
प्रारंभिक शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों में एलईडी स्मार्ट टेलीविज़न लगाए जा रहे हैं। इनका उपयोग 3 से 6 वर्ष के बच्चों को हिन्दी-अंग्रेज़ी वर्णमाला, गिनती, और अन्य पूर्व-प्राथमिक शिक्षा गतिविधियों के विज़ुअल टूल्स के माध्यम से ज्ञान देने में किया जाएगा। यह पहल बच्चों में सीखने के प्रति रुचि और आनंद उत्पन्न करेगी, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बल मिलेगा।

See also  सोने चांदी के 108 रथ सड़कों पर निकले, लाखों की भीड़ उमड़ी, देशभर से पहुंचे लोग , रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया

साफ पानी से स्वास्थ्य सुरक्षा
आंगनबाड़ी केंद्रों पर वॉटर प्यूरीफायर लगाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों को स्वच्छ पेयजल सुलभ हो सके। यह प्रयास जलजनित बीमारियों की रोकथाम में प्रभावी साबित होगा और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।

जल संरक्षण की दिशा में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग
जल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना की जा रही है। बरसात के पानी को संरक्षित कर भूगर्भीय जलस्तर को पुनर्जीवित करने का यह नवाचार राज्य के सतत विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। विभाग द्वारा इस प्रणाली के संचालन के लिये मैदानी अमले को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

आंगनबाड़ी में पोषण वाटिका
हर आंगनबाड़ी केंद्र की उपलब्ध भूमि में पोषण वाटिका (Nutrition Garden) तैयार की जा रही है, जिसमें मौसमी सब्जियाँ व फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ताजे, पोषक और किफायती खाद्य पदार्थों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे आंगनबाड़ी के बच्चों और आसपास के जरूरतमंद परिवारों को लाभ होगा।

See also  प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ECCE गतिविधियों से बच्चों का होगा समग्र विकास
आंगनबाड़ी केंद्रों में ECCE (Early Childhood Care and Education) गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों को शिक्षात्मक खेल सामग्री, पाठ्य पुस्तिकाएं और अन्य शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे बच्चों का बौद्धिक, संज्ञानात्मक और सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा यह प्रयास बाल शिक्षा को केवल औपचारिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उसे अनुभव-जन्य और समावेशी बनाएगा।