खरगोन में केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली बोले:पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी में लाएंगे

खरगोन.देश में पेट्रोल-डीजल के मूल्य अंतरराष्ट्रीय आधार पर तय होते हैं। सभी राज्यों में स्वयं की टैक्स व्यवस्था होने से देश में इनके मूल्य में एक-रूपता नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में जो भाव है वह मध्यप्रदेश में नहीं है। प्रत्येक स्टेट अपने-अपने हिसाब से टैक्स घटाते-बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व हमारा मंत्रालय चाहता है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर इसके मूल्य में एकरूपता लाई जाए। जीएसटी काउंसिल में इस विषय पर चर्चा हों, लेकिन पश्चिम बंगाल, दिल्ली राज्य सरकारों ने इस पर आपति जताई है। विपक्ष के विरोध के कारण अब तक पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में नहीं आ पाए हैं।
यह बात केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, श्रम और रोजगार राज्यमंत्री व असम के डिब्रुगढ़ से सांसद रामेश्वर तेली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार की नौ वर्ष की उपलब्धियों व कार्याे पर आयोजित कार्यक्रम में कही। तेली ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को एलईडी सक्रिन पर पीपीटी प्रजेंटेशन के द्वारा प्रस्तुत किया। मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 30 जून को खरगोन संसदीय क्षेत्र में विशाल सभा होगी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शामिल होने की उम्मीद है। तेली ने कहा उनका विभाग बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। एमपी में 12 एलपीजी प्लांट व 683 वितरक है। उज्ज्वला योजनांतर्गत नौ करोड़ से अधिक महिलाओं को निशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। श्रम विभाग द्वारा सभी श्रमिकों के ई-श्रम कार्ड बनाए जा रहे हैं। तेली ने विभागीय योजनाओं व कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

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