मेहनत से लिखी सफलता की कहानी

रायपुर

सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरी की निवासी  आरती सिंह ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर

आरती सिंह मां महामाया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और इस राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन शुरू करने में किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल आजीविका में बदल चुका है।

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विभिन्न सब्जियों की खेती से बढ़ी आय    

आरती अपने खेत में गोभी, टमाटर, आलू, प्याज, बैंगन, लहसुन और मटर जैसी विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इसके साथ ही वे गेहूं की खेती भी करती हैं। मौसम के अनुसार फसल परिवर्तन और मेहनत के कारण उनकी सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर रहती है, जिससे गांव के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी उनकी सब्जियों की अच्छी मांग बनी रहती है।

आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

लगातार परिश्रम और खेती की बेहतर योजना के कारण आज सब्जी उत्पादन और कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 13 हजार 10 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में आत्मविश्वास व सम्मान भी बढ़ा है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रयासरत हैं।

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा   

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आरती की यह सफलता कहानी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता को देखकर कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल रही है।