गुरू पूर्णिमा का पर्व पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाए- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का महत्व आदिकाल से रहा है। इसी परंपरा के गौरव बनाये रखने के लिये- विश्वविद्यालयों में पदस्थ कुलपतियों को कुलगुरू का संबोधन प्रदान किया गया, 21 जुलाई को आने वाली गुरु पूर्णिमा प्रदेश में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से सर्कुलर जारी किया गया है। सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में सम्मिलित हों।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्व महाअभियान 2.0 तथा पटवारी ई-डायरी का डिजिटल शुभारंभ भी किया। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री राजेन्द्र शुक्ल, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय तथा राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा साथ थे। उल्लेखनीय है कि भू-स्वामियों के हित में त्वरित और आसान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आज 18 जुलाई से आरंभ हुआ अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई।

जीवन में पाँच गुरूओं का है विशेष महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरू पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे जीवन में 5 गुरूओं का विशेष महत्व है। सबसे पहली गुरू माता, दूसरे पिता, तीसरे शिक्षक, चौथे क्रम पर वह गुरू जिनसे हम आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करते हैं और पाँचवां गुरू आईना है। आईना हमारे स्व से प्रतिदिन हमारा परिचय कराता है और वास्तविक स्वरूप को हमारे सामने रखता है। आईने की हमसे दुश्मनी नहीं है, पर वह हमारा दोस्त भी नहीं है, जो यथार्थ है आईना हमें उससे अवगत कराता है और यही गुरू का भी दायित्व है। गुरू-शिष्य परम्परा के निर्वहन में यह प्रदेश का सौभाग्य है कि भगवान श्रीकृष्ण को उनके गुरू सांदीपनी का सानिध्य उज्जैन में ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी साथियों से कहा कि गुरू पूर्णिमा पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाए।

See also  MP के 22 जिलों में दो दिन बरसेंगे मेघ, 13 अगस्त से फिर होगी झमाझम बारिश

बटांकन के साथ ही होगा नामांतरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, भू-अभिलेख का दुरूस्तीकरण और अभिलेख शुद्धिकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बटांकन के साथ ही नामांतरण की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इस व्यवस्था को लागू करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है, केन्द्र सरकार ने भी राज्य शासन की इस पहल की सराहना की है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति फसल, प्रति सर्वे नंबर 8 रूपए की दर से उन्हें भुगतान किया जाएगा। एक युवा को अधिकतम एक हजार सर्वे नंबर का आवंटन किया जा सकेगा। इन युवाओं को दोनों फसलों अर्थात खरीफ और रबी का सर्वे करना होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण से फसल की सटीक पहचान, उपार्जन में बचत होने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा। व्यवस्था का क्रियान्वयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।

See also  यति नरसिंहानंद का विवादित बयान, बोले- गांधी समाज के लिए जहर, गोडसे ने हत्या नहीं वध किया

पटवारी ई-डायरी से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पटवारी ई-डायरी की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इससे शुचिता के साथ राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत पटवारियों द्वारा डिजिटल फार्मेट में दैनिक डायरी का संधारण किया जाएगा। पटवारी को फोटो खींचनी होगी और बिना फोटो के पटवारी दैनिक गतिविधियों को अपलोड नहीं कर सकेंगे। इससे पटवारी की उपस्थिति के वास्तविक स्थान का भी पता लग सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटवारी ई-डायरी से पटवारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ-साथ उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना और स्व-सहायता समूहों को ऋण वितरण में मध्यप्रदेश देश में प्रथम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 लाख 95 हजार ऋण प्रकरणों में एक हजार 736 करोड़ रूपए वितरित कर मध्यप्रदेश ने देश में प्रथम स्थान बनाया है। एनयूएलएन योजना में 60 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन कर 32 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों को 320 करोड़ रूपए से अधिक की आवर्ती निधि उपलब्ध कराई गई है और 20 हजार स्व-सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस योजना में भी मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने मेज थपथपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया।

See also  सरल संयोजन पोर्टल से ऑनलाइन बिजली कनेक्शन लेना आसान

राजस्व महाअभियान 2.0 पर हुआ प्रेजेंटेशन
मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए राजस्व महाअभियान 2.0 की प्रस्तुतिकरण में नामांकन, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरूस्ती, नक्शे पर खसरे की बटान को उठाना, स्वामित्व योजना सैचुरेशन, समग्र के आधार से ई-केवायसी आदि के संबंध में जानकारी दी गई।