फिलिस्तीनी कैदियों से इजरायल की महिला सैनिक करती थीं रेप, हर दिन निकलने लगता था खून

तेल अवीव
 इजरायल के हिरासत केंद्र में फिलिस्तीनी पुरुष कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। यौन उत्पीड़न का आरोप इजरायली सैनिकों पर लगा है। एन12 न्यूज पर प्रसारित विडियो में एसडीई तेइमान हिरासत केंद्र में कथित तौर पर इजरायली रक्षा बल (IDF) के सैनिकों को एक फिलिस्तीनी कैदी के खिलाफ यौन हिंसा का जघन्य अपराध करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद कैदी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये विडियो दहला देने वाला है। फुटेज सामने आने के बाद दुनिया भर में इसकी निंदा हो रही है। बताया गया है कि केंद्र फिलिस्तीनी कैदियों को रोजाना प्रताड़ित किया जाता था।
बलात्कार, बिजली के झटके और मारपीट

हिरासत केंद्र से रिहा हुए इब्राहिम सलेम ने मिडिल ईस्ट आई से बात करते हुए अपने साथ हुए खौफनाक अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि हिरासत केंद्र में कैदियों के साथ बलात्कार, बिजली का झटका और बार-बार मारपीट की जाती थी। 36 वर्षीय सलेम ने बताया कि अधिकांश कैदी यौन उत्पीड़न के साथ बाहर आते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार बलात्कार के चलते उन्हें घाव हो जाते हैं। अधिकांश कैदी यह स्वीकार करने से बचते हैं कि उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। वे एक दूसरे को बताते हैं कि यह बवासीर है।

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महिला सैनिक भी करती थीं रेप

सलेम ने बताया कि कभी-कभी महिला सैनिक भी यौन उत्पीड़न करती थीं। वह उत्तरी गाजा के कमाल अदवान अस्पताल में आईसीयू में थे, जब दिसम्बर 2023 में इजरायली सेना ने वहां छापा मारा था। वह अस्पताल में अपने बच्चों के साथ थे, जो इजरायली हमले में घायल हो गए थे। इस हमले में उनके भाई-बहन अपने कई बच्चों के साथ मारे गए थे। सलेम ने बताया कि जब सेना आई तो मुझसे पूछा कि वह यहां कर रहे हो। इस पर उन्होंने सैनिकों को अपने बच्चों की रिपोर्ट दी और अरबी में बताया कि 'मेरे बच्चे आईसीयू में हैं। वे हिल नहीं सकते।'

हर बात पर मिलती थी सजा

इसके बाद इजरायली सैनिक सलेम को लेकर चले गए। उन्होंने बताया कि इजरायली सैनिकों ने उन्हें और कई अन्य लोगों को बिना कपड़ों के एक बड़े गड्ढे में रखा था। वहां, सैनिक फिलिस्तीनियों को पीटते थे और अपमानित करते थे। इस दौरान कैदियों के हाथ और पैर बंधे होते थे। सलेम ने कहा कि सैनिक अपमानित करने के लिए उन्हें गंदी-गंदी गालियां देते थे। कैदियों को अपने और परिवार के बारे में गंदी बातें कहने के लिए मजबूर किया जाता था। एसडीई तेइमान में बिताए 52 दिनों को सलेम अपनी जिंदगी का सबसे बुरा दिन मानते हैं। वहां हमेशा कैदियों को सजा दी जाती है। कैदी कुछ भी करें, सजा मिलनी ही होती है। पूछताछ के दौरान सबसे भयावह यातना दी जाती थी।

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अमेरिका ने की निंदा

फिलिस्तीनी कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद इसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। इस घटना ने इजरायली हिरासत केंद्रों के अंदर मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं। अमेरिका ने कैदियों के साथ यौन उत्पीड़न पर प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, किसी के साथ बलात्कार पर कोई सफाई नहीं हो सकती और बंदियों के यौन उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए। मिलर ने कानून का राज स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।