मध्य प्रदेश सरकार की दिव्यांग जनों को सौगात, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना से मिलेगा लाभ

भोपाल
 मध्य प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले दिव्यांगजनों को आर्थिक मदद देने के लिए एक खास योजना चल रही है। एमपी सरकार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना चला रही है। इस योजना के तहत 18 से 70 साल के दिव्यांगजनों को हर महीने 600 रुपये पेंशन मिलती है। इस योजना का लाभ उन्हे मिलता है जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक है।

यह योजना केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम यानि एनएसएपी के तहत चलाई जा रही है। एमपी में इस योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं नि:शक्‍तजन विभाग करता है। इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2009 में हुई थी।

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। उसे भारत सरकार द्वारा तय मानदंडों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार से होना चाहिए। आवेदक दिव्यांग होना चाहिए। योजना के तहत दिव्यांग को हर महीने 600 रुपए पेंशन दी जाती है। आवेदन करने के लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र भरना होगा।
आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज

See also  हाई कोर्ट का अहम आदेश: न्यायालयों में अधिकारी अब बैठ सकते हैं, अपमानजनक टिप्पणियों पर भी लगेगी रोक

आवेदन पत्र के साथ आपको अपने तीन फोटो, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जारी विकलांगता प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड और समग्र आईडी देनी होगी।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन

आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम कार्यालय, नगर पालिका कार्यालय या नगर पंचायत कार्यालय में जमा कर सकते हैं। आप नजदीकी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।