जन्मजात विकार: कारण, लक्षण और चिकित्सा उपचार

हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है ताकि दिल से जुड़े बच्चों के प्रति जागरूकता पैदा हो सके। दिल से जुड़े कई खतरे हैं, जो उम्र बढ़ने के साथ होते हैं लेकिन कुछ ऐसे रोग भी हैं जिनमें बच्चे के साथ जन्म होता है। इनमें से एक क्रोनिक हार्ट डिजीज (सीएचडी) है।

जन्म से होने वाली दिल की आम समस्या सीएचडी से दुनिया के लाखों लोग पीड़ित हैं। भारत में स्वास्थ्य सेवा की कमी का कारण सीएचडी जन स्वास्थ्य एक बड़ी समस्या है। सी आज़ाद अक्सर बच्चे होते हैं, लेकिन यह अलग-अलग उम्र के लोगों में भी दिखाई दे सकता है।

डॉ. मिश्री एवं एसोसिएट डायरेक्टरी, क्लिनिक प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, कार्ड केयर, मेदांता, गुरुग्राम, के अनुसार, कुछ लोगों में इसके लक्षण अमित बचपन में दिखाई देते हैं, जबकि अन्य लोगों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। सी. एचडी से न केवल एक व्यक्ति, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित हो सकता है। डॉक्टर ने आगे इस बीमारी के कारण, लक्षण, प्रकार, निदान और इलाज के बारे में बताया है।

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क्रोनिक हार्ट डिजीज के कारण और लक्षण सी. मोटापा क्यों होता है, यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं: जेनेटिक: परिवार में पहले से सी. सेक्स हो जन्म देने वाली मां: जन्म से ही पता चलता है मां की अधिक उम्र, चिंता , या उसके द्वारा विशेष औषधियों का सेवन पर्यावरण: गर्भावस्था के दौरान विशेष कैमिकल्स या संक्रमणों के संपर्क इसके खुले में सीने में दर्द, सांस फूलना, खांसी या घरघराहट, दस्त, दांतों या दांतों में सूजन, हाथ-पैरों में खून की आपूर्ति कम होती है , थकान और तेज या पेट की बीमारियां सीएचडी के प्रकार एट्रियल सेप्टल डीपेक्ट (एएसडी) वेंट्रिकुलर सेप्टल डीपेक्ट (वीएसडी) पार्टिकल डक्टसआर्टिरियोसस (पीडीए) टेट्रालोजी ऑफ एफटीईटी वीएसडी, पल्मोनरी स्टेनोसिस, ओवरराइडिंग आयोरटा, और रेट वेंट्रिकुलर हाईपरट्रॉफी एक साथ होना।
आयोर्टा का प्रोटोटाइप।

सीएचडी का निदान सीएचडी का निदान गर्भावस्था के दौरान या फिर जन्म के तुरंत बाद किया जा सकता है। निदान के अभिलेखों में शामिल हैं: इकोकार्डियोग्राम इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) छाती का एक्स-रे कार्ड कैथेटराइजेशन सीएचडी का इलाज कुछ सी एचडी आपके आप ठीक हो जाते हैं, जबकि अन्य सीएचडी के लिए चिकित्सीय इलाज या सर्जरी की आवश्यकता होती है।

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मेडिकल मेडिसिन दवाइयाँ: कई बार औषधियों से सी.डी.एच.डी. के प्रोडक्ट्स में आराम मिलता है। इसमें शामिल है: डाययूरेटिक्स बीटा-ब्लॉकर्स डाइजॉक्सिन ब्लड थिनर सर्जिकल प्रक्रिया ओपन सर्जरी हार्ट: सीएचडी गंभीर हो तो ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। हृदय की सर्जरी के दौरान शरीर में रक्त का संचार एक हार्ट-लंग मशीन द्वारा किया जाता है।

मिनिमली इनवेज़िव सर्जरी: मिनिमली इनवेज़िव सर्जरी में एक छोटा सा चीरा लगा रहता है, जिससे आस-पास के टिश्यूज़ को कम नुकसान होता है।

कैथेटर द्वारा: रक्तवाहिनी से होते हुए कैथेटर के भीतर फोटोग्राफर सीएचडी की मरम्मत की जाती है। यह प्रक्रिया हृदय के छिद्रों को बंद करना, रक्त वाहिकाओं को मोड़ना और हृदय के कार्य में सुधार लाना है।

आधुनिक इलाज हाल ही में हुई मेडिकल टेक्नोलॉजी की प्रगति ने सीएचडी के नए और नवोन्मेषी इलाज उपलब्ध कराए हैं। इनमें शामिल हैं: हाईब्रिड ऑर्थोडॉक्स: सर्जरी और कैथेटर द्वारा सी.एच.डी.एच. का इलाज। इसका उपयोग गंभीर मामलों के लिए किया जाता है।
3डी प्रिंटिंग: अधिकांश व्यक्तिगत और उपचार के लिए 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है।
स्टेम सेल थेरेपी: सीएचडी के इलाज के लिए स्टेम सेल थेरेपी पर अभी शोध चल रहा है।

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