मोटर इंश्योरेंस : ऑनलाइन क्लेम कर रहे हैं? इन बातों का रखे ध्यान

मोटर इंश्योरेंस :  भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। 2024 में देशभर में 1.73 लाख से अधिक मौतें और 4.63 लाख से ज्यादा लोग सड़क हादसों में घायल हुए। ऐसे में मोटर इंश्योरेंस केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच भी है। ये दुर्घटना के बाद आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, पारंपरिक इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेस अक्सर मुश्किल और टाइम लगने वाला होता है। पहले लंबा वेटिंग पीरियड, पेपर वर्क और इंश्योरेंस कंपनियों के दफ्तरों के चक्कर लगाना इसे मुश्किल बना देता था। लेकिन अब ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट मोटर इंश्योरेंस के एरिया में बड़ा बदलाव ला रहा है। इससे पॉलिसीधारकों को राहत मिली है।

 

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कैसे बदली डिजिटल प्रोसेस ने क्लेम सेटलमेंट किया आसान?

मोटर इंश्योरेंस :  कल्पना करें कि आप किसी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए हैं और आपकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा है। पहले, आपको इसे रिपोर्ट करना पड़ता, ढेरों फॉर्म भरने होते और इंश्योरेंस कंपनी के दफ्तर के कई चक्कर लगाने पड़ते। क्लेम सेटलमेंट में कई दिन या हफ्ते लग जाते थे। लेकिन अब ऑनलाइन प्रोसेस से यह सब आसान हो गया है। सिर्फ कुछ क्लिक में आप अपने स्मार्टफोन से ही पूरा प्रोसेस कर सकते हैं।

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दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज करें।

गाड़ी के क्षतिग्रस्त हिस्सों की फोटो और जरूरी डॉक्यूमेंट की फोटो जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट,

ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो अपलोड करें।

इंश्योरेंस कंपनी डिजिटल रूप से क्लेम प्रोसेस करेगी।

आपको नजदीकी नेटवर्क गैरेज का सुझाव दिया जाएगा, जहां तुरंत मरम्मत शुरू हो सकेगी।

इंश्योरेंस सेक्टर में डिजिटल सुधार को बढ़ावा देने के लिए इंश्योरेंस विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 2024 में कई नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इनमें इंश्योरेंस कंपनियों को तेजी से और ट्रांसपेरेंट डिजिटल समाधान देने के लिए बाध्य किया गया है।

 

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2024 के मोटर इंश्योरेंस सुधारों में बने नए नियम

सर्वे रिपोर्ट के 7 दिनों के अंदर क्लेम सेटलमेंट अनिवार्य है।

24 घंटे के भीतर सर्वेयर की नियुक्ति।

AI और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से क्षति का आकलन। ये ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट को अधिक तेज, सेफ और भरोसेमंद बना देता है।

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ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट के फायदे

समय की बचत – अब लंबी वेटिंग लिस्ट नहीं, डिजिटल प्रोसेस से क्लेम सेटलमेंट तेजी से हो रहा है।

पारदर्शिता – ग्राहक अपने क्लेम की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंश्योरेंस कंपनी से बात कर सकते हैं।

आसान हुआ प्रोसेस – घर बैठे ही पूरा क्लेम सेटलमेंट किया जा सकता है, जिससे समय और एनर्जी दोनों बच जाते हैं। मोटर इंश्योरेंस में ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि जरूरी बदलाव बन चुका है। इससे न केवल ग्राहकों को राहत मिल रही है, बल्कि इंश्योरेंस कंपनियां भी तेजी से इस प्रोसेस को अपना रही हैं।

 

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