भोपाल नगर निगम का बड़ा कदम, हमीदिया अस्पताल-स्कूल-कॉलेज के नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलग-अलग स्थानों के नाम को बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। निगम की बैठक में नाम को बदलने की प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इस सरकार को भेजा जा रहा है। निगम के प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने प्रस्ताव कमिश्नर हरेंद्र नारायण को भेज दिया है। अब वह इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है इनमें हमीदिया अस्पताल , कॉलेज और स्कूल के नाम को बदल जाना है।

दरअसल, शहर में नाम को बदलने के लिए पहला प्रयास नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने किया था। उन्होंने जून महीने में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह के नाम से संचालित हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज का नाम बदलकर राष्ट्र भक्तों के नाम पर किए जाने की अपील की थी।

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स्कूल, अस्पताल के नाम बदलने का प्रस्ताव
इससे पहले भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदले गए हैं। सितंबर 2023 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरु नानक मार्ग किया गया था। यह कार्य नगर निगम द्वारा कर दिया गया था। लेकिन स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों के नाम बदलने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। इसीलिए नगर निगम ने प्रस्ताव पास करवाया है और इसे नगर निगम कमिश्नर को भेज दिया है।

नगर निगम की बैठक में मिली मंजूरी
24 जुलाई को नगर निगम परिषद की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। तब इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा था कि नवाब हमीदुल्लाह गद्दार थे, उनका आरोप था कि नवाब ने भारत के आजाद होने के बाद भी 2 साल तक भोपाल रियासत का विलय नहीं होने दिया। वे इसे पाकिस्तान में शामिल कराना चाहते थे। वहीं, कांग्रेस ने आरोप पर पलटवार करते हुए कहा था कि यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। इतिहास गवाह है कि नवाब हमीदुल्लाह ने इन संस्थान की स्थापना के लिए अपने निजी संपत्ति दान में दी थी।

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