ईरानी एटॉमिक गन की रेंज में न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और ट्रंप का घर? नेतन्याहू के दावे से बढ़ी चिंता

तेहरान 

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि जल्द ही अमेरिका के बड़े शहर ईरानी एटॉमिक गन के दायरे में होंगे. एक इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि ईरान 8000 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली इंटर कांटिनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइलें (ICBM) बना रहा है. उन्होंने कहा कि अगर इन मिसाइलों की क्षमता 3000 किलोमीटर और बढ़ा दी जाए तो इसके रेंज में न्यूयॉर्क और वाशिंगटन जैसे शहर होंगे. 

यही नहीं मार-ए-लागो भी ऐसे मिसाइल के रेंज में आ जाएगा. मार-ए-लागो फ्लोरिडा के पाम बीच में स्थित एक भव्य रिसॉर्ट है. यहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक घर भी है. 17 एकड़ जमीन पर फैला मार-ए-लागो डोनाल्ड ट्रंप का निजी आवास रहा है. यहां विलासिता की तमाम सुविधाएं मौजूद हैं. 

इसी साल जून में ईरान से जंग लड़ चुके इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हथियारों को लेकर ईरान की महात्वाकांक्षा से अमेरिका और दुनिया को आगाह किया. 

उन्होंने एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के मंसूबों के बारे में सतर्क करते हुए कहा कि ईरान 8000 किलोमीटर तक मार कर सकने में सक्षम इंटर कांटिनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइलें बना रहा है. 

See also  Board of Peace में शामिल होने पर पाकिस्तान में बवाल, शहबाज शरीफ को क्यों कहा जा रहा ‘गद्दार’?

नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान भविष्य में इस क्षमता में 3000 किलोमीटर का इजाफा और कर लेता है तो उसके पास 11000 किलोमीटर तक परमाणु हमले करने की क्षमता होगी. 

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि ईरान के पास इस क्षमता के होने का क्या मतलब है. इसका मतलब यह है कि अमेरिका के बड़े शहर जैसे न्यूयॉर्क सिटी, वाशिंगटन, बॉस्टन और मियामी यहां तक कि मार-ए-लागो भी ईरान के एटॉमिक गन के दायरे में आ जाएगा. 

बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने ईरान के तीन यूरेनियम संवर्धन केंद्रों नतांज, इस्फहान और फोर्दो पर बी-2 बॉम्बर विमानों से हमला कर इसे तहत-नहस करने का दावा किया था. लेकिन ईरान ने कहा था कि यूरेनियम एनरिचमेंट एक विज्ञान है और इसे कोई खत्म नहीं कर सकता है. 

इसके बाद पश्चिमी दुनिया में कयास लगाया जा रहा है कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को फिर से आगे बढ़ा सकता है. हालांकि ईरान ने कहा है कि वो परमाणु बम नहीं चाहता है कि लेकिन यूरेनियम एनरिचमेंट से उसे कोई नहीं रोक सकता है. 

See also  ईरान का डोनाल्ड ट्रंप को सीधा जवाब: अब कोई बातचीत नहीं, मुसलमान देशों पर हमला करके की गलती

ईरान का ICBM प्रोग्राम

ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम मध्य पूर्व में सबसे बड़ा और एडवांस है. ईरान इस पर 1980 के दशक से ही काम कर रहा है. यह कार्यक्रम मुख्य रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा संचालित होता है और इसमें शॉर्ट-रेंज से लेकर मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (MRBM) शामिल हैं. हालांकि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का विकास अभी प्रारंभिक चरण में है.

क्या होता है ICBM, क्यों होते हैं खतरनाक?

ICBM एक लंबी दूरी की मिसाइल है, जो 5,500 किलोमीटर से अधिक रेंज तक वारहेड (परमाणु, रासायनिक या पारंपरिक) ले जा सकती है. यह  एक महादेश से दूसरे महादेश पर हमला करने के लिए डिजाइन की जाती है. यह मिसाइल पृथ्वी की कक्षा में उड़ान भरकर लक्ष्य तक पहुंचती है.  ICBM मिसाइल हाइपरसोनिक गति, मल्टिपल वारहेड्स और सटीक गाइडेंस सिस्टम के कारण बेहद खतरनाक मानी जाती हैं. अगर एशिया से हमला किया जाए तो ये मिसाइलें यूएस, यूरोप जैसे दूरस्थ टारगेट को निशाना बना सकती हैं. हालांकि मार्डन वारफेयर में ICBM का इस्तेमाल नहीं हुआ है. 

See also  US पत्रकार के विवादित बयान से मचा हंगामा: 2026 में भारतीयों पर हमलों की आशंका जताई