पाकिस्तान ने BRICS बैंक NDB की सदस्यता के लिए चीन से मदद मांगी

बीजिंग 

आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान अपनी बेचारगी का हवाला देकर भीख मांगने में कसर नहीं छोड़ता। वहीं चीन पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त है। अब पाकिस्तान ने BRICS देशों के बैंक न्यू डिवेलपमेंट बैंक (NDB) की सदस्यता के लिए चीन से गुहार लगाई है। इसके बदले में उसने चीन को ऑफर भी दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह चीन की कंपनियों, उद्योगों और खनिजों के क्षेत्र में निवेश के लिए ज्यादा मौके उपलब्ध करवाएगा।

शुक्रवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वॉशिंगटन में चीन के वित्त मेंत्री लियाओ मिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एनडीबी की सदस्यता को लेकर बात की। औरंगजेब ने चीन से कहा कि वह एनडीबी की सदस्यता दिलाने में उसकी मदद करे। उन्होंने कहा कि इसके बदले पाकिस्तान में तकनीक, कृषि, उद्योग और खनिज के क्षेत्र में चीनी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

See also  पिता ने 4 माह की बच्ची को दीवार पर पटक-पटक कर कर दी हत्या, बेटा नहीं होने से था नाराज 

बता दें कि ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर एनडीबी बनाया है जिसका उद्देश्य इन्फ्रास्ट्रक्चर, सतत पोषणीय विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ी फंडिंग उपलब्ध कराना है। विकासशील देशों के विकास में यह बैंक बड़ी भूमिका निभाता है। इसी साल फरवरी में इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन कमेटी ने एनडीबी में 582 मिलियन डॉलर के शेयर्स की खरीद की मंजूरी दी है। फाइनेंस डिवीजन के बयान के मुताबिक इसीसी ने पाकिस्तान की एनडीबी में सदस्यता को मंजूरी दे दी है।

पाकिस्तान ने नवंबर 2024 में ब्रिक्स की सदस्यता के लिए भी आवेदन किया था। बताया गया था कि चीन ने इस्लामाबाद को इसके लिए भरोसा दिया था। हालांकि पीएम मोदी से चीनी राष्ट्रपति की मुलाकात के बाद पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फिर गया। तुर्की को पार्टनर देशों में शामिल किया गया था लेकिन पाकिस्तान को नहीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने कहा था कि वह ब्रिक्स में ज्यादा देशों का स्वागत करने को तैयार है लेकिन फैसले सर्वसम्मति से लिए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा था कि किसी देश को सदस्यता देने से पहले विचार किया जाना चाहिए कि उसमें ब्रिक्स के संस्थापक देशों की राय शामिल हो। बता दें कि ब्रिक्स के संस्थापक देशों में रूस, चीन, भारत और ब्राजील का नाम है।

See also  नए शहरों के विकास को रफ्तार, 8 शहरों को पहले चरण के लिए ₹425 करोड़