Desh News: नौगाम विस्फोट में दर्जनभर लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर

नई दिल्ली. नौगाम थाने में विस्फोट मामले में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। थोड़ी देर पहले ही डीजीपी नलिन प्रभात ने 9 मौतों की पुष्टि की थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि कई अधिकारी और आम नागरिक घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि विस्फोट इतना भयानक था कि थाना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।

डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं।

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उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

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