IND vs SA: जसप्रीत बुमराह ने रचा इतिहास, नए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ बने नंबर-1 गेंदबाज़

अहमदाबाद

टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि वह रन मशीन पर ब्रेक लगाने में भी माहिर हैं। उन्होंने एक बड़ा कमाल करके ये साबित भी कर दिया है।

जसप्रीत बुमराह जैसा कोई नहीं। हम ऐसा यूं ही नहीं कह रहे। ये बात तो सभी जानते हैं कि वो दुनिया के नंबर 1 बॉलर हैं, मैच विनर हैं और बार-बार टीम इंडिया को तीनों फॉर्मेट में विकेट निकालकर देते हैं, लेकिन 19 दिसंबर 2025 की शाम उन्होंने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह क्यों मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक और भरोसेमंद भारतीय तेज गेंदबाज माने जाते हैं।

दरअसल, भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5वां टी20 मैच अहमदाबाद में हुआ, जिसे भारत ने 30 रनों से जीत लिया। बुमराह ने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 17 रन खर्च किए और 2 अहम विकेट झटके। टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम रोल निभाया। इस स्पेल के दम पर बुमराह ने वो कमाल कर दिखाया, जिसका सपना हर बॉलर देखता है। उन्होंने अपने इस नए कमाल से भारतीय क्रिकेट का इतिहास भी बदल डाला।

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आखिर क्या है बुमराह का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड?

दरअसल, जसप्रीत बुमराह अब 5 या उससे कम इकॉनमी के साथ सबसे ज्यादा स्पेल डालने वाले बॉलर बन गए हैं। उन्होंने 19वीं बार यह कारनामा कर दिखाया। ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय पेसर बन गए हैं। इस मामले में उनके आसपास भी कोई नहीं है। दूसरे नंबर पर भुवनेश्वर कुमार हैं, जिन्होंने 8 दफा ये कमाल किया था। यानी बुमराह उनसे भी दोगुने से ज्यादा बार यह कारनामा कर चुके हैं। फिर अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या का नाम है, जिन्होंने 4-4 बार, जबकि इरफान पठान और आशीष नेहरा 3-3 बार ही ऐसा कर पाए हैं।

मैच में बुमराह (4-0-17-2)

T20I में 5 या उससे कम इकॉनमी रेट के साथ सबसे ज्यादा 4 ओवर स्पेल

19 बार- जसप्रीत बुमराह
8 बार- भुवनेश्वर
4 बार- अर्शदीप सिंह
4 बार- हार्दिक पांड्या
3 बार- इरफान पठान
3 बार- आशीष नेहरा

क्यों खास बॉलर हैं बुमराह?

बुमराह का ये रिकॉर्ड बताता है कि वो कितने कीमती पेसर हैं। उनके खिलाफ रन बनाना हमेशा से कठिन रहा है। बुमराह के इस रिकॉर्ड को तोड़ना आसान नहीं होगा। आने वाले कई सालों तक ये रिकॉर्ड अमर रहने वाला है। बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी यॉर्कर, स्लोअर गेंद और सटीक लाइन-लेंथ मानी जाती है। वह पावरप्ले में विकेट निकाल सकते हैं, मिडिल ओवर्स में रन रोक सकते हैं और डेथ ओवर्स में बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते। यही वजह है कि टीम इंडिया जब भी दबाव में होती है, कप्तान सबसे पहले गेंद बुमराह के हाथ में थमाता है।

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