जबलपुर
शिवपुरी में शनिवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से समूचे राज्य के वकील आक्रोशित हो गए हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया है। इससे पहले रविवार को ही मप्र हाई कोर्ट बार, जिला बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त रूप से सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल, करेरा तहसील के वकील संजय सक्सेना की शनिवार, 14 फरवरी की दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त संजय सक्सेना काले कोट में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घटना के बाद शिवपुरी पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।
सात दिनों का अल्टीमेटम, वरना सीएम हाउस का होगा घेराव
स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। गुप्ता के अनुसार रविवार को दोपहर को सभी सदस्यों की आनलाइन मीटिंग बुलाकर सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से तय किया गया कि पूरे राज्य में वकीलों की सुरक्षा से जुड़े एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने राज्य सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो फिर काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के सवा लाख वकील भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। काउंसिल के वाईस चैयरमेन आरके सिंह सैनी ने बताया कि ऑनलाइन मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने मृत अधिवक्ता संजय सक्सेना को शोक श्रद्धांजलि भी दी।
वकीलों ने की ये मांगें
स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को ही हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, उनके आश्रित को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागूकिया जाए।
चीफ जस्टिस को भेजी गई सूचना
तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी है। एसोसिएशनों ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि उनकी ये मांगें जायज हैं। ऐसे में सोमवार को सुनवाई पर लगे मुकदमों को वकीलों की गैरहाजिरी में खारिज न किया जाए। वकील सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।
वर्षों से की जा रही मांग, मिला सिर्फ आश्वासन
इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग वकीलों द्वारा की जा रही है। एक बार तो भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत बुलाकर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन को जल्द से जल्द लागू करने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन अभी तक नतीजा शून्य ही रहा है।