जांजगीर जिला के ग्राम जगमहंत ब्लांक नवागढ़ में 16 अगस्त को स्वाभिमान सेवा संघ नशामुक्ति व वृद्धा आश्रम के संस्थापक निर्माणी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देहदानी स्वभिमानी नत्थू राम बौद्ध जी के 4थी पुण्यतिथि को स्वभिमान दिवस के रूप में मनाया गया। जिसमें मुख्यातिथि मा, रामेश्वर बनवा जी सेवानिवृत्त प्राधानपाठक थे एवं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मा , राजकुमार टैगोर जी, थानुराम जी, रामाधार बौद्ध जी, बद्री प्रसाद डाहरे जी, शिवनाथ जी एवं अंचल के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम में आयोजक मा भागवत बौद्ध जी लोगों के बिच उद्बोधन देते हुए बोले भारत के बच्चे बच्चे को अंधविश्वास, पाखंड,कुरूतियो से दुर रख कर शिक्षित, जानकार, जागरूक।, बुद्धी वादी तर्क सिल बनाने का संकल्प लेते हुए बोले कि मनुस्मृति एक ऐसा जहर है।जो भारतीय संस्कृति भाईचारा, मानवता की समुल नास करता आ रहा है हजारों साल से जिनके कारण भारत की अखंडता समाप्त हुई, और भारत में विदेशी आक्रमणकारी भारत को गुलाम बना पाने में कामयाब हो पाये भारत के गुलाम होने के कारण भी मनुस्मृति को बताया,,इसी कड़ी में भागवत बौद्ध जी ने कहा कि अंग्रेज कुछ तानासाही थे,पर कुछ,दबे कुचलें,दीन हीन, हजारों लाखों लोग जो हजारों साल से जातिवाद, वर्ण-व्यवस्था के कारण ललाइत,बेवसी के जीवन जीने को मजबूर थे, उन्हें न तो शिक्षा का अधिकार था,न धन रखने का अधिकार था,न सार्वजनिक प्रकृतिक जल श्रोतो से जल पिने का अधिकार था उन लोगों के लिए, अंग्रेज भारत में वरदान के रूप में आये,, शिक्षा के द्वार खोले सार्वजनिक स्थानों व सासकिय संस्थानों पर नौकरी दिलवाये,मान सम्मान की हक दिलाया,कुरूतियां, अंधविश्वास,एवं अनैतिक कृत शतिप्रथा,दासी प्रथा,स्तन टेक्स जैसे अमानवीय कृत्य को कानुन बनाकर दुर किया,,इसी अंग्रजों के शिक्षा के द्वार खोले जाने के बदौलत बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी शिक्षित हो पाये, तथा भारतीय संविधान लिखने का औसर मिला और हजारों करोड़ो बेबस लाचार लोगों को संविधान में आर्टिकल 1से लेकर 17तक मौलिक अधिकार प्रदान कर भारत के मुलनिवासियो के भाग्यविधाता बन के भारत ही नहीं विदेशों में भी सिंबल आप नांलेज की उपलब्धी प्राप्त कर मिशाल कायम किया उसी बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के बदौलत आज भागवत खरसन माइक पकड़ कर यहां भाषण बाजी करने के काबिल बन पाया है एवं संकल्प लेने का हौसला जुटा पाया कि मरते दम तक चाहे जो भी परिस्थिति हो चाहे F,RIदर्ज हो जाये चाहे जेल जाना पड़ जाये मैं लोगों को नशाखोरी,एवं पाखंड अंधविश्वास के विरूद्ध जंग लड़कर लोगो को जागरूक बनाकर ऐसा स्वाभिमानी बनाऊंगा कि उनके गली में चलने पर मनुवादी दर दर कांपे,,,दिवालों से दिंयांर झड़ जाये,, अपने लोगों को ऐसा स्वाभिमानी बनाऊंगा, संकल्प लेते हुये अपनी उद्घोषणा समाप्त किए।